नई दिल्ली: देशभर में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर एक संदेश तेजी से वायरल हो रहा था, जिसमें दावा किया गया कि पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भारी इजाफा किया है. इस वायरल पोस्ट के अनुसार, पेट्रोल की कीमतों में ₹10 और डीजल में ₹12.50 प्रति लीटर की बढ़ोतरी का आदेश दिया गया था.
PIB फैक्ट चेक ने किया भ्रामक खबर का खंडन
जैसे ही यह फर्जी आदेश लोगों के बीच चर्चा का विषय बना, सरकार की फैक्ट-चेक यूनिट PIB Fact Check ने तत्काल इस पर स्पष्टीकरण जारी किया. आधिकारिक बयान में कहा गया कि, “यह आदेश पूरी तरह से फर्जी है. भारत सरकार के पेट्रोलियम मंत्रालय की ओर से ऐसा कोई निर्देश या नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया है”. सरकार ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे ऐसे असंवेदनशील और भ्रामक संदेशों को बिना जांचे आगे न बढ़ाएं.
अफवाहों का बाजार गर्म: चुनाव से जोड़कर देखे जा रहे थे दावे
यह अफवाह ऐसे समय में फैली जब देश के कुछ हिस्सों में विधानसभा चुनाव के अंतिम चरणों का मतदान समाप्त हो रहा था. सोशल मीडिया पर कई यूजर्स, जिनमें कुछ राजनीतिक हस्तियां भी शामिल थीं, यह दावा कर रहे थे कि मतदान खत्म होते ही सरकार तेल की कीमतों में ₹25 से ₹28 तक की वृद्धि कर देगी. हालांकि, पेट्रोलियम मंत्रालय ने साफ किया कि फिलहाल कीमतों में किसी भी तरह के बदलाव का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है.
सावधानी बरतने की अपील
सरकार ने जनता से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक सरकारी स्रोतों या मंत्रालय के अधिकृत सोशल मीडिया हैंडल से प्राप्त जानकारी पर ही भरोसा करें. भ्रामक खबरें न केवल जनता में घबराहट पैदा करती हैं, बल्कि पेट्रोल पंपों पर अनावश्यक भीड़ और अव्यवस्था का कारण भी बन सकती हैं。
विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव जरूर है, लेकिन घरेलू स्तर पर अभी तक कोई आधिकारिक बदलाव नहीं किया गया है. आप अपने शहर की वर्तमान दरों की जानकारी Indian Oil या Bharat Petroleum की आधिकारिक वेबसाइट से प्राप्त कर सकते हैं.


