नई दिल्ली: देश में रसोई गैस की कालाबाजारी और अवैध भंडारण के खिलाफ पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने एक व्यापक अभियान छेड़ रखा है. सोमवार को मंत्रालय द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, मार्च 2026 से अब तक देशभर में की गई विभिन्न छापेमारी में 67,000 से अधिक एलपीजी सिलेंडर जब्त किए जा चुके हैं. यह कार्रवाई मध्य पूर्व (मिडल ईस्ट) में जारी संघर्ष के कारण उत्पन्न वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला बाधाओं के मद्देनजर की गई है.
सख्त कानूनी कार्रवाई और गिरफ्तारियां
सरकार ने स्पष्ट संकेत दिया है कि संकट की स्थिति का अनुचित लाभ उठाने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जाएगी. आंकड़ों के मुताबिक, इस अवधि के दौरान अब तक 1,160 से अधिक एफआईआर दर्ज की गई हैं और 271 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है. प्रवर्तन एजेंसियों की सक्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि केवल सोमवार को ही देशभर में 2,800 से अधिक स्थानों पर छापेमारी की गई.
वितरकों पर गिरी गाज
सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने भी अपने वितरण नेटवर्क की निगरानी सख्त कर दी है. अब तक अनियमितताओं के दोषी पाए गए 316 एलपीजी वितरकों पर भारी जुर्माना लगाया गया है, जबकि 72 वितरकों को निलंबित कर दिया गया है. सोमवार की कार्रवाई में 46 अन्य वितरकों को ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी किए गए और एक वितरक की सेवाएं तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दी गईं.
डिजिटल निगरानी से पारदर्शिता
सिलेंडरों के डायवर्जन (कालाबाजारी के लिए मोड़ना) को रोकने के लिए सरकार ने डिजिटल बुनियादी ढांचे को मजबूत किया है. वर्तमान में:
- घरेलू एलपीजी की 99 प्रतिशत बुकिंग ऑनलाइन की जा रही है.
- डिलीवरी के समय पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए 94 प्रतिशत मामलों में डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) का उपयोग किया जा रहा है.
- मांग के दबाव को कम करने के लिए अब तक 42,800 उपभोक्ताओं ने ‘MyPNGD’ पोर्टल के माध्यम से अपने एलपीजी कनेक्शन सरेंडर कर पाइप नेचुरल गैस (PNG) को अपनाया है.
आपूर्ति की स्थिति और सरकारी अपील
मंत्रालय ने नागरिकों को आश्वस्त किया है कि देश में रसोई गैस की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है और किसी भी खुदरा केंद्र पर स्टॉक की कमी की सूचना नहीं है. हॉर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति पर नजर रखते हुए सरकार सभी रिफाइनरियों को उच्च क्षमता पर संचालित कर रही है ताकि घरेलू उत्पादन बना रहे.
सरकार ने आम जनता से अपील की है कि वे घबराहट में आकर ईंधन का भंडारण न करें और केवल आधिकारिक स्रोतों से मिली सूचनाओं पर ही विश्वास करें.


