टोक्यो: भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी और दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु ने जापान ओपन 2026 का महिला एकल खिताब जीतकर नया इतिहास रच दिया। फाइनल मुकाबले में उन्होंने मेजबान जापान की तीन बार की विश्व चैंपियन अकाने यामागुची को सीधे गेमों में 21-17, 21-17 से हराकर पहली बार यह प्रतिष्ठित खिताब अपने नाम किया। इसके साथ ही सिंधु जापान ओपन जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन गई हैं।
यह जीत सिंधु के लिए खास इसलिए भी रही क्योंकि उन्होंने दो वर्षों से अधिक समय बाद कोई बड़ा खिताब जीता है। साथ ही, दिसंबर 2024 में सैयद मोदी इंटरनेशनल जीतने के बाद यह उनका पहला BWF वर्ल्ड टूर खिताब है। सुपर 750 या उससे ऊपर की श्रेणी में भी यह उनकी करीब सात साल बाद पहली ट्रॉफी है।
करीब 50 मिनट तक चले फाइनल में सिंधु ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल का प्रदर्शन किया। शुरुआती तीन अंक जीतकर उन्होंने बढ़त बनाई, हालांकि यामागुची ने वापसी करते हुए मुकाबले को बराबरी पर ला दिया और एक समय 9-7 से आगे निकल गईं।
मिड-गेम ब्रेक के बाद सिंधु ने शानदार वापसी की। उन्होंने अपने तेज और सटीक आक्रमण से जापानी खिलाड़ी पर दबाव बनाया और स्कोर 16-12 तक पहुंचा दिया। दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ा संघर्ष देखने को मिला और स्कोर 17-17 की बराबरी पर पहुंच गया, लेकिन निर्णायक क्षणों में सिंधु ने लगातार चार अंक जीतकर पहला गेम 21-17 से अपने नाम कर लिया।
दूसरे गेम में भी भारतीय खिलाड़ी ने आत्मविश्वास के साथ शुरुआत की और जल्द ही 8-3 की बढ़त हासिल कर ली। यामागुची ने लगातार अंक लेकर मुकाबले में वापसी की कोशिश की, लेकिन ब्रेक तक सिंधु 11-7 से आगे रहीं।
ब्रेक के बाद सिंधु ने अपनी बढ़त को और मजबूत करते हुए 14-7 और फिर 16-12 तक पहुंचा दिया। यामागुची ने एक बार फिर वापसी करते हुए अंतर को 18-17 तक कम कर दिया, लेकिन सिंधु ने दबाव में शानदार संयम दिखाया। उन्होंने लगातार तीन अंक हासिल कर दूसरा गेम भी 21-17 से जीत लिया और जापान ओपन 2026 की चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया।
इस जीत के साथ पीवी सिंधु ने एक बार फिर साबित कर दिया कि बड़े मुकाबलों में उनका अनुभव और मानसिक मजबूती उन्हें दुनिया की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में शामिल करती है। उनकी यह सफलता भारतीय बैडमिंटन के लिए भी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।


