जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम जिले में मलेरिया के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने व्यापक जांच एवं उपचार अभियान शुरू किया है। पिछले 20 दिनों के दौरान जिले में 1.66 लाख से अधिक लोगों की जांच की गई, जिसमें करीब 2,300 लोगों में मलेरिया संक्रमण की पुष्टि हुई है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, पोटका प्रखंड सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में शामिल है। यहां के लगभग 20 गांवों में डॉक्टरों की विशेष टीमें लगातार कैंप लगाकर लोगों की स्वास्थ्य जांच कर रही हैं और संक्रमित मरीजों का उपचार सुनिश्चित किया जा रहा है।
शनिवार को चलाए गए विशेष अभियान के दौरान 12,976 लोगों की स्क्रीनिंग की गई। जांच के दौरान 104 नए मलेरिया मरीजों की पहचान हुई, जिसके बाद सभी को आवश्यक चिकित्सा सुविधा और दवाएं उपलब्ध कराई गईं।
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति को तेज बुखार, ठंड लगना, सिरदर्द, उल्टी या बेहोशी जैसे लक्षण महसूस हों, तो इसे सामान्य बुखार समझकर नजरअंदाज न करें। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या जांच शिविर में पहुंचकर मलेरिया की जांच करानी चाहिए।
विभाग ने यह भी सलाह दी है कि मलेरिया की रोकथाम के लिए घर और आसपास साफ-सफाई बनाए रखें, कहीं भी पानी जमा न होने दें तथा रात के समय मच्छरदानी का नियमित उपयोग करें। साथ ही बुखार आने पर स्वयं दवा लेने के बजाय चिकित्सकीय जांच कराकर ही उपचार शुरू करने की अपील की गई है।


