गढ़वा: पलामू में हुए गोलीकांड को लेकर भाकपा माले की ओर से विरोध मार्च निकाला गया. यह विरोध मार्च गढ़वा जिले में निकाला गया. जिसमें माले विधायक अरुप चटर्जी, बिहार के विधायक अरूण सिंह, बगोदर के पूर्व विधायक विनोद सिंह शामिल हुए और पुलिस प्रशासन पर सवाल उठाए. उन्होंने पीड़ित परिवार से भी मुलाकात की.
दरअसल, रामपुर गोलीकांड की घटना के बाद पूरे इलाके में पलामू और गढ़वा जिला प्रशासन ने निषेधाज्ञा लागू कर दी. इलाके में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया, जिसके कारण विरोध मार्च पलामू के बजाय गढ़वा में निकालना पड़ा. प्रशासन ने भीड़ को रामपुर गांव में घुसने नहीं दिया.
गढ़वा के डंडा थाना इलाके के कोटा गांव से प्रतिरोध मार्च निकाला गया. जो पलामू-गढ़वा बॉर्डर इलाके में पहुंच कर एक सभा में तब्दील हो गया. विरोध मार्च को संबोधित करते हुए भाकपा माले विधायक अरूप चटर्जी ने कहा कि पलामू और पूरे झारखंड में भू-माफिया और सामंतों का मनोबल बढ़ गया है. लोगों को यह ताकत कहां से मिल रही है? उन्हें दोस्त और दुश्मन में फर्क करने की जरूरत है.
उन्होंने कहा कि यह मुद्दा आने वाले विधानसभा सेशन में उठाया जाएगा. गोली लगने से घायल हुए व्यक्ति के परिवार को मुआवजा और नौकरी दी जाए और आरोपियों के हथियार के लाइसेंस रद्द किए जाए.
वहीं बिहार के विधायक अरुण कुमार सिंह ने कहा कि प्रोग्राम पहले से तय था, लेकिन दबाव में निषेधाज्ञा लगा दी गई. उन्होंने सवाल किया कि पुलिस पर ऐसा क्या दबाव है कि वे अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रहे हैं.
बगोदर के पूर्व विधायक विनोद सिंह ने कहा कि रामपुर की घटना कोई आम बात नहीं है. उन्होंने कहा कि वे न्याय के लिए एकजुट होकर और मजबूती से लड़ेंगे. यह लड़ाई तब तक जारी रहेगी जब तक गोली लगने से घायल हुए सिकंदर चौधरी को न्याय नहीं मिल जाता.


