धनबाद: झरिया-बलियापुर मुख्य मार्ग पर मोहरीबांध के निकट सड़क धंसने की घटना के बाद संबंधित विभाग ने स्थिति का जायजा लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। रविवार को रांची से सड़क निर्माण विभाग (RCD/PWD) की तकनीकी टीम झरिया विधायक रागिनी सिंह के साथ मौके पर पहुंची और प्रभावित हिस्से का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान आरसीडी धनबाद के कार्यपालक अभियंता मिथलेश कुमार ने बताया कि सड़क का यह हिस्सा अग्नि प्रभावित क्षेत्र में स्थित है। उनके अनुसार, भूमिगत आग के कारण जमीन कमजोर होने से सड़क धंसने की समस्या सामने आई है। उन्होंने कहा कि मरम्मत कार्य के लिए आवश्यक धनराशि का प्रस्ताव जनवरी में ही बीसीसीएल को भेजा जा चुका है और राशि उपलब्ध होते ही मरम्मत शुरू कर दी जाएगी।
- इस दौरान विधायक रागिनी सिंह ने सड़क निर्माण की प्रक्रिया और गुणवत्ता पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि करीब 44 करोड़ रुपये की लागत से बनी इस सड़क में अपेक्षाकृत कम समय में धंसान की स्थिति सामने आना गंभीर विषय है। उनका कहना था कि यदि निर्माण स्थल पहले से आग प्रभावित या भू-धंसान संभावित क्षेत्र था, तो निर्माण से पहले विस्तृत वैज्ञानिक और तकनीकी अध्ययन कराया जाना चाहिए था।
- रागिनी सिंह ने आरोप लगाया कि पर्याप्त सर्वेक्षण और सुरक्षा मूल्यांकन के बिना परियोजना को आगे बढ़ाया गया, जिससे सरकारी धन का नुकसान हुआ और अब लोगों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ गई है। उन्होंने पूरे निर्माण कार्य की जांच कराने और जिम्मेदार अधिकारियों व एजेंसियों की जवाबदेही तय करने की मांग की। साथ ही सड़क की शीघ्र मरम्मत कर सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर लंबे समय से धंसान की समस्या बनी हुई है। क्षेत्र में बीसीसीएल की भूमिगत खनन गतिविधियों और आउटसोर्सिंग कंपनियों की ब्लास्टिंग को भी सड़क की स्थिति बिगड़ने का एक संभावित कारण बताया जा रहा है। यह मार्ग झरिया और बलियापुर के बीच प्रमुख संपर्क सड़क है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में वाहन और लोग आवाजाही करते हैं। ऐसे में सड़क की मौजूदा स्थिति को लेकर लोगों में चिंता और नाराजगी बनी हुई है।


