धनबाद में आयोजित मेगा लीगल एंपावरमेंट कैंप आम लोगों के लिए सहायता और अधिकारों से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराने का बड़ा माध्यम बना। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डालसा), जिला प्रशासन और बीसीसीएल के संयुक्त आयोजन में पात्र लाभुकों के बीच आर्थिक सहायता, मुआवजा, नियुक्ति पत्र और विभिन्न सरकारी योजनाओं से जुड़े लाभ वितरित किए गए।
बीसीसीएल के अनुपूर्णा भवन में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्घाटन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश निकेश कुमार सिन्हा ने किया। “अधिकार आपका, प्रयास हमारा” अभियान के तहत आयोजित शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा चयनित लाभुकों को करोड़ों रुपये की परिसंपत्तियां और सहायता राशि प्रदान की गई।
कार्यक्रम में बीसीसीएल के सीएमडी मनोज अग्रवाल, सिटी एसपी ऋत्विक श्रीवास्तव, ग्रामीण एसपी, अपर समाहर्ता प्रदीप कुमार शुक्ला, धनबाद बार एसोसिएशन के प्रतिनिधि, न्यायिक अधिकारी और जिला प्रशासन के कई अधिकारी मौजूद रहे।
एक ही स्थान पर मिली योजनाओं की जानकारी और सहायता
शिविर में विभिन्न सरकारी विभागों की ओर से स्टॉल लगाए गए थे। यहां लोगों को केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। साथ ही जरूरतमंद लोगों को आवेदन प्रक्रिया, कानूनी सलाह और अन्य जरूरी सहायता भी उपलब्ध कराई गई।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने शिविर में लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण किया और लाभुकों से बातचीत कर उनकी समस्याओं एवं सुझावों की जानकारी ली।
उन्होंने कहा कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का लक्ष्य गरीब, कमजोर और जरूरतमंद लोगों तक निःशुल्क एवं त्वरित न्याय पहुंचाना है। उन्होंने बताया कि 90 दिवसीय विधिक जागरूकता अभियान के तहत गांवों, पंचायतों और शिक्षण संस्थानों में लगातार कार्यक्रम आयोजित कर लोगों को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
जरूरतमंदों को मिली आर्थिक सहायता और नियुक्ति पत्र
बीसीसीएल के सीएमडी मनोज अग्रवाल ने कहा कि कंपनी अपने सामाजिक दायित्वों के तहत जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए लगातार कार्य कर रही है। वहीं सिटी एसपी ऋत्विक श्रीवास्तव ने कहा कि ऐसे आयोजन सरकारी योजनाओं का लाभ सही पात्र लोगों तक पहुंचाने में मददगार साबित होते हैं।
शिविर के दौरान कविता देवी के स्वयं सहायता समूह को 3.76 करोड़ रुपये की सहायता राशि का चेक दिया गया। भूमि अधिग्रहण से जुड़े मामले में पप्पू पासवान को 29 लाख रुपये का मुआवजा प्रदान किया गया। इसके अलावा रिया कुमारी, सरिता कुमारी और अंजली कुमारी को नियुक्ति पत्र सौंपे गए।
हाथी के हमले से प्रभावित रविलाल मुर्मू को भी मुआवजा राशि दी गई। इसके अलावा कई अन्य लोगों को स्वीकृति पत्र, नियुक्ति पत्र और सरकारी योजनाओं के लाभ प्रदान किए गए।
यह शिविर न्यायपालिका, प्रशासन और सार्वजनिक क्षेत्र के संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय का उदाहरण बना। अधिकारियों का कहना है कि ऐसे आयोजनों से समाज के जरूरतमंद वर्ग तक सरकारी सहायता, कानूनी जानकारी और अधिकारों की पहुंच सुनिश्चित होती है।


