Friday, September 18, 2026

JSSC-CGL समेत नियुक्तियां रद्द करने के आदेश को चुनौती, हाईकोर्ट में अब 7 अक्टूबर को सुनवाई.

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रांची : झारखंड हाईकोर्ट में JSSC-CGL (विज्ञापन संख्या 10/2023) समेत विभिन्न नियुक्ति परीक्षाओं और नियुक्तियों को रद्द करने के राज्य सरकार के आदेश को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर शुक्रवार को सुनवाई हुई। जस्टिस दीपक रोशन की अदालत में आकाश गौरव एवं अन्य, निरोज खेस एवं अन्य समेत कई याचिकाओं पर सुनवाई की गई। प्रार्थियों की ओर से सुप्रीम कोर्ट के वरीय अधिवक्ता पीएस पटवालिया ने पक्ष रखा।

सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से इस मामले में शपथ पत्र दाखिल किया गया। वहीं, याचिकाकर्ताओं ने सरकार के जवाब पर प्रति-उत्तर दाखिल करने के लिए अदालत से अतिरिक्त समय मांगा। अदालत ने नियुक्तियों को रद्द करने संबंधी सरकारी आदेश पर पहले से जारी रोक को बरकरार रखा है।

अदालत ने सुनवाई के दौरान टिप्पणी की कि केवल एक नोटिफिकेशन जारी करके स्थायी रूप से नियुक्त किए गए कर्मचारियों को सेवा से हटाया नहीं जा सकता। मामले की अगली सुनवाई अब 7 अक्टूबर 2026 को सुबह 11:30 बजे निर्धारित की गई है।

याचिकाकर्ताओं की ओर से वरीय अधिवक्ता राजीव रंजन के अलावा अधिवक्ता श्रेय मिश्रा, इंद्रजीत सिन्हा और अमृतांश वत्स ने अदालत के समक्ष पक्ष रखा। राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता रोहिताश्य राय और वरीय अधिवक्ता मीनाक्षी अरोड़ा ने पैरवी की।

गौरतलब है कि CID जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर राज्य सरकार ने 18 अगस्त की देर रात उन परीक्षाओं को रद्द करने की घोषणा की थी, जिनमें TDPL की भूमिका से संबंधित मामला सामने आया था। इसके साथ ही वर्ष 2014 के बाद हुई विभिन्न नियुक्ति परीक्षाओं में संभावित अनियमितताओं की जांच कराने की बात भी कही गई थी।

इसके बाद कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग की ओर से परीक्षा रद्द करने, कुछ परीक्षाओं की प्रक्रिया रोकने और अन्य परीक्षाओं को जांच के दायरे में रखने से संबंधित अधिसूचना जारी की गई। अधिसूचना के मुताबिक 22 परीक्षाओं को रद्द करने, 6 परीक्षाओं की प्रक्रिया स्थगित करने और 17 परीक्षाओं को जांच के दायरे में रखने का उल्लेख किया गया है।

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