Friday, September 18, 2026

कोयला लदे हाइवा की नो-एंट्री की मांग पर बालूमाथ बंद, बाजार की अधिकांश दुकानें रहीं बंद.

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लातेहार : कोयला लदे हाइवा और अन्य भारी वाहनों की आवाजाही से होने वाली परेशानी के विरोध में शुक्रवार को बालूमाथ प्रखंड मुख्यालय में बंद का असर देखने को मिला। स्थानीय व्यवसायियों के आह्वान पर दुकानदारों ने स्वेच्छा से अपनी दुकानें और अन्य प्रतिष्ठान बंद रखे। इसके चलते बालूमाथ बाजार में सामान्य दिनों की तुलना में कम चहल-पहल रही।

व्यवसायियों का कहना है कि मुख्य सड़क से लगातार कोयला लदे वाहनों के गुजरने के कारण धूल उड़ती रहती है। इससे दुकानों में रखा सामान प्रभावित होता है और बार-बार सफाई करने के बावजूद कुछ ही समय में दोबारा धूल जम जाती है। स्थानीय लोगों के अनुसार, धूल के कारण आंखों में जलन और सांस लेने में परेशानी जैसी समस्याओं का भी सामना करना पड़ रहा है।

व्यवसायियों ने स्पष्ट किया कि उनका विरोध कोयला परिवहन को पूरी तरह रोकने को लेकर नहीं है। उनकी प्रमुख मांग है कि दिन के समय बालूमाथ शहर के मुख्य मार्ग पर कोयला लदे हाइवा के प्रवेश पर रोक लगाई जाए। इसके साथ ही सड़क पर नियमित पानी का छिड़काव, धूल नियंत्रण के प्रभावी इंतजाम और भारी वाहनों के आवागमन के लिए बेहतर यातायात व्यवस्था की मांग की गई है।

स्थानीय व्यवसायियों ने मुख्य मार्ग पर लगने वाले जाम की समस्या के स्थायी समाधान की भी मांग रखी है। उनका कहना है कि भारी वाहनों की आवाजाही से सड़क पर यातायात प्रभावित होता है, जिसका सीधा असर बाजार और स्थानीय लोगों की आवाजाही पर पड़ता है।

व्यवसायियों के अनुसार, इन समस्याओं को लेकर प्रशासन को पहले भी ज्ञापन दिया जा चुका है। बंद से पहले स्थानीय लोगों की ओर से पैदल मार्च भी निकाला गया था। व्यवसायियों ने कहा कि अब तक विरोध शांतिपूर्ण तरीके से किया जा रहा है। उनका कहना है कि यदि बंद के बाद भी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो आगे आंदोलन को और व्यापक किया जा सकता है।

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