Friday, September 18, 2026

तंजानिया के 27 सदस्यीय दल ने IICM में देखी स्मार्ट खेती, ड्रोन और ऑटोमेटेड सिंचाई का लाइव डेमो.

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रांची : तंजानिया के खनिज मंत्रालय से जुड़े 27 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को रांची स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ कोल मैनेजमेंट (IICM) का दौरा किया। प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने यहां सीसीएल की कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के अंतर्गत संचालित ‘उन्नत कृषि’ परियोजना की जानकारी ली और तकनीक आधारित खेती का प्रत्यक्ष प्रदर्शन देखा।

दौरे के दौरान प्रतिनिधिमंडल को परियोजना के उद्देश्यों, इसकी प्रमुख गतिविधियों और किसानों को मिल रहे लाभों के बारे में विस्तार से बताया गया। अधिकारियों और परियोजना टीम ने बताया कि ICT और IoT आधारित तकनीकों के जरिये खेती को अधिक डेटा आधारित बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों के सामने ऑटोमेटेड इरिगेशन सिस्टम और कृषि ड्रोन तकनीक का लाइव डेमो प्रस्तुत किया गया। इस दौरान उन्हें बताया गया कि आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल खेती की निगरानी और सिंचाई व्यवस्था को बेहतर तरीके से संचालित करने में किस तरह किया जा रहा है। सदस्यों ने इन तकनीकों के व्यावहारिक इस्तेमाल को करीब से समझा और इससे जुड़े सवाल भी पूछे।

विजिट के दौरान तंजानिया के प्रतिनिधियों ने परियोजना से जुड़े किसानों और टीम के सदस्यों के साथ बातचीत की। उन्होंने तकनीक आधारित खेती, कृषि उत्पादकता और किसानों को मिलने वाले लाभों से संबंधित जानकारी हासिल की। खास तौर पर ड्रोन, मोबाइल एप्लिकेशन और डेटा आधारित कृषि व्यवस्था को लेकर प्रतिनिधिमंडल ने रुचि दिखाई।

प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने तंजानिया में भी इस तरह की आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने की संभावनाओं को लेकर जानकारी ली। दौरे को दोनों पक्षों के बीच तकनीकी अनुभव और कृषि क्षेत्र में संभावित सहयोग के आदान-प्रदान के लिहाज से महत्वपूर्ण बताया गया।

इस अवसर पर सीसीएल की ओर से जॉन बोदरा, निधि समृद्धि फाउंडेशन की ओर से रवि शंकर कुमार, सूरज सिन्हा और चंचल कच्छप समेत परियोजना से जुड़े किसान और टीम के सदस्य मौजूद रहे। स्मार्ट फार्मर सुखदेव उरांव, घुमेश्वर उरांव, राजेश उरांव, सोमरा उरांव, सीमा देवी, उषा देवी और मुन्नी गाड़ी सहित अन्य लोगों ने भी प्रतिनिधिमंडल के साथ संवाद किया।

सीसीएल की CSR पहल के तहत चल रही ‘उन्नत कृषि’ परियोजना का उद्देश्य ग्रामीण इलाकों में आधुनिक कृषि तकनीकों की पहुंच बढ़ाना है। परियोजना से जुड़े किसान और आदिवासी युवा ड्रोन तकनीक तथा मोबाइल ऐप जैसे डिजिटल साधनों का उपयोग कर रहे हैं। परियोजना टीम के अनुसार, उचित प्रशिक्षण और मार्गदर्शन के साथ तकनीक का इस्तेमाल कृषि क्षेत्र में नए अवसर पैदा कर सकता है।

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