नई दिल्ली, 7 अक्टूबर 2026: रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल और टेलीकॉम कंपनी Jio Platforms Limited के बहुप्रतीक्षित IPO को लेकर बाजार में हलचल तेज हो गई है। मीडिया रिपोर्टों और PTI के हवाले से सामने आई जानकारी के मुताबिक, जियो प्लेटफॉर्म्स का पब्लिक इश्यू 21 अक्टूबर 2026 को खुल सकता है।
करीब 3.8 अरब डॉलर के अनुमानित आकार वाला यह इश्यू भारतीय शेयर बाजार के सबसे बड़े IPO में शामिल हो सकता है। हालांकि, अंतिम तारीख, प्राइस बैंड और अन्य शर्तों की पुष्टि कंपनी की आधिकारिक घोषणा और अंतिम दस्तावेज दाखिल होने के बाद ही होगी।
कब खुल सकता है Jio IPO?
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक प्रस्तावित शेड्यूल इस तरह हो सकता है:
- एंकर निवेशक बोली: 19 अक्टूबर 2026
- IPO खुलने की संभावित तारीख: 21 अक्टूबर
- IPO बंद होने की संभावित तारीख: 23 अक्टूबर
- शेयर अलॉटमेंट: 26 अक्टूबर
- संभावित लिस्टिंग: 28 अक्टूबर
कंपनी 12 अक्टूबर से शुरू होने वाले सप्ताह में SEBI के पास अंतिम रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) दाखिल कर सकती है। रिपोर्ट के मुताबिक, जियो प्लेटफॉर्म्स को 28 अगस्त को नियामकीय मंजूरी मिल चुकी है।
कितना हो सकता है प्राइस बैंड?
मीडिया रिपोर्टों में जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयर का संभावित प्राइस बैंड ₹1,150 से ₹1,220 प्रति शेयर बताया जा रहा है। कंपनी करीब 27 करोड़ नए इक्विटी शेयर जारी करने की योजना पर काम कर रही है।
यह इश्यू कंपनी की कुल हिस्सेदारी का लगभग 2.9 प्रतिशत हिस्सा दर्शा सकता है। अनुमानित आंकड़ों के आधार पर कंपनी का एंटरप्राइज वैल्यूएशन करीब 143-146 अरब डॉलर यानी ₹12 लाख करोड़ से अधिक हो सकता है।
हालांकि, निवेशकों को अंतिम प्राइस बैंड की जानकारी कंपनी के आधिकारिक IPO दस्तावेज में ही मिलेगी।
IPO से जुटाए पैसे का क्या होगा?
प्रस्तावित इश्यू से जुटाई जाने वाली रकम का बड़ा हिस्सा रिलायंस जियो इन्फोकॉम के कर्ज को कम करने में इस्तेमाल किए जाने की जानकारी सामने आई है। रिपोर्टों के मुताबिक करीब ₹27,500 करोड़ का उपयोग कर्ज भुगतान के लिए किया जा सकता है।
इसके अलावा, रिलायंस इंडस्ट्रीज के मौजूदा शेयरधारकों के लिए IPO में 10 प्रतिशत तक आरक्षण दिए जाने की संभावना भी बताई जा रही है।
FY26 में जियो प्लेटफॉर्म्स का प्रदर्शन
वित्त वर्ष 2025-26 में जियो प्लेटफॉर्म्स के कारोबार में अच्छी वृद्धि दर्ज होने की जानकारी दी गई है।
- राजस्व: ₹1,46,885 करोड़
- राजस्व वृद्धि: 14.5 प्रतिशत
- शुद्ध लाभ: ₹30,053 करोड़
- मुनाफे में वृद्धि: 15 प्रतिशत
- मोबाइल बाजार हिस्सेदारी: 39.29 प्रतिशत
- मोबाइल ग्राहक: करीब 50.6 करोड़
- ब्रॉडबैंड बाजार हिस्सेदारी: 32.89 प्रतिशत
- ब्रॉडबैंड ग्राहक: करीब 15.79 करोड़
कंपनी के 5G कारोबार को भी IPO की प्रमुख ताकतों में गिना जा रहा है।
GMP को लेकर क्या स्थिति है?
IPO से पहले ग्रे मार्केट प्रीमियम यानी GMP को लेकर निवेशकों की दिलचस्पी बनी हुई है। लेकिन GMP आधिकारिक शेयर बाजार का आंकड़ा नहीं है और इसमें लगातार बदलाव हो सकता है।
इसलिए केवल GMP देखकर IPO में निवेश का फैसला करना उचित नहीं माना जाता। निवेशकों को कंपनी का RHP, वैल्यूएशन, वित्तीय प्रदर्शन, जोखिम और इश्यू से मिलने वाली रकम के इस्तेमाल जैसी जानकारियां देखकर ही निर्णय लेना चाहिए।
निवेशकों की नजर में क्यों खास है यह IPO?
जियो प्लेटफॉर्म्स का IPO रिलायंस समूह के लिए लंबे समय बाद आने वाला बड़ा सार्वजनिक इश्यू है। कंपनी के टेलीकॉम, डिजिटल सेवाओं और 5G कारोबार के बड़े ग्राहक आधार को देखते हुए घरेलू और वैश्विक निवेशकों की नजर इस इश्यू पर बनी हुई है।
हालांकि, IPO की अंतिम तारीख, कीमत, GMP और लिस्टिंग से जुड़ी जानकारी में बदलाव संभव है। इसलिए निवेशकों को अंतिम निर्णय से पहले कंपनी और SEBI के आधिकारिक दस्तावेजों में दी गई जानकारी को प्राथमिकता देनी चाहिए।
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