पटना, 7 अक्टूबर 2026: बिहार में डेटा ऑपरेटरों को हटाए जाने के मुद्दे पर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने राज्य सरकार पर निशाना साधा है। पार्टी ने आरोप लगाया कि जिन कर्मचारियों की सरकारी कामकाज में अहम भूमिका है, उन्हें हटाने से विभागीय कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
डेटा ऑपरेटरों को हटाने पर RJD ने उठाए सवाल
RJD का कहना है कि विभिन्न सरकारी कार्यालयों में डेटा ऑपरेटरों के माध्यम से कई जरूरी कार्य संचालित होते हैं। पार्टी के मुताबिक, इन्हें हटाए जाने के बाद कामकाज प्रभावित होने की जानकारी जिला स्तर के अधिकारियों की ओर से लिखित रूप में भी दी गई है।
पार्टी ने सवाल उठाया कि जब संबंधित कर्मचारियों की जरूरत सरकारी कार्यों के लिए बनी हुई है, तो उन्हें हटाने की कार्रवाई क्यों की जा रही है।
एक करोड़ सरकारी नौकरी के वादे का किया जिक्र
RJD ने सरकार की रोजगार नीति को लेकर भी सवाल खड़े किए। पार्टी ने कहा कि चुनाव के दौरान एक करोड़ सरकारी नौकरियां देने का वादा किया गया था, लेकिन अब पहले से काम कर रहे डेटा ऑपरेटरों को हटाने की स्थिति सामने आ रही है।
RJD ने सरकार से डेटा ऑपरेटरों को हटाए जाने के फैसले पर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि रोजगार के साथ-साथ सरकारी विभागों के सुचारू संचालन को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए।
सरकारी काम प्रभावित होने का दावा
RJD के अनुसार, डेटा ऑपरेटरों की कमी का असर सरकारी योजनाओं और कार्यालयों से जुड़े दैनिक कार्यों पर पड़ सकता है। पार्टी ने दावा किया कि जिला स्तर पर अधिकारियों ने भी कर्मचारियों की कमी से काम प्रभावित होने की आशंका जताई है।
हालांकि, इस मामले में सरकार की ओर से कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने आने की जानकारी खबर में नहीं दी गई है।
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