दरभंगा, 7 अक्टूबर 2026: मिथिला की बेटी और दरभंगा के घनश्यामपुर प्रखंड स्थित बाउर गांव की रहने वाली स्क्वाड्रन लीडर भावना कंठ ने भारतीय वायुसेना में एक और अहम उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने ग्वालियर स्थित टैक्टिक्स एंड एयर कॉम्बैट डेवलपमेंट एस्टेब्लिशमेंट में फाइटर कॉम्बैट लीडर (FCL) कोर्स सफलतापूर्वक पूरा किया है। इस कोर्स को पूरा करने वाली वह देश की पहली महिला फाइटर पायलट बनी हैं।
20 सप्ताह की कठिन ट्रेनिंग पूरी की
फाइटर कॉम्बैट लीडर कोर्स करीब 20 सप्ताह का चुनौतीपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम है। इसमें पायलटों को जटिल हवाई अभियानों, युद्धक रणनीति और नेतृत्व से जुड़े विभिन्न पहलुओं की ट्रेनिंग दी जाती है।
कोर्स पूरा करने के बाद भावना हवाई अभियानों के दौरान नेतृत्व की भूमिका निभाने के लिए प्रशिक्षित हो गई हैं। प्रशिक्षण में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले फाइटर पायलटों को ‘टॉप गन’ के रूप में भी जाना जाता है। भावना फिलहाल पंजाब में तैनात हैं।
2015 में फाइटर स्ट्रीम से जुड़ा सपना हुआ पूरा
भावना कंठ का जन्म 1 दिसंबर 1992 को बेगूसराय के बरौनी में हुआ। उनके पिता तेज नारायण कंठ इंजीनियर हैं, जबकि मां राधा कंठ गृहिणी हैं। उन्होंने शुरुआती पढ़ाई डीएवी पब्लिक स्कूल, बरौनी से की और इसके बाद बेंगलुरु के बीएमएस कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की।
महिलाओं के लिए भारतीय वायुसेना की फाइटर स्ट्रीम खुलने के बाद वर्ष 2015 में भावना का लड़ाकू विमान उड़ाने का सपना आगे बढ़ा। वर्ष 2016 में उन्हें तत्कालीन रक्षा मंत्री मनोहर पर्रीकर ने कमीशन प्रदान किया।
कई उपलब्धियां पहले ही कर चुकी हैं अपने नाम
भावना वर्ष 2016 में देश की शुरुआती महिला फाइटर पायलटों के बैच का हिस्सा बनीं। इसके बाद उन्होंने कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल कीं।
वर्ष 2019 में वह कॉम्बैट मिशन के लिए योग्य होने वाली पहली भारतीय महिला फाइटर पायलट बनीं। इसके बाद वर्ष 2021 में गणतंत्र दिवस परेड में फाइटर पायलट के तौर पर शामिल होकर भी उन्होंने खास पहचान बनाई।
अब FCL कोर्स पूरा कर उन्होंने अपने करियर में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि जोड़ी है।
बचपन से आसमान में उड़ने का था सपना
भावना के पिता के अनुसार, उनकी बेटी को बचपन से ही आसमान में उड़ने का सपना था। वह राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) में जाना चाहती थीं, लेकिन यह इच्छा पूरी नहीं हो सकी। इसके बाद उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की, मगर सैन्य सेवा में जाने का लक्ष्य कायम रखा।
भावना के छोटे भाई नीलांबर कंठ और छोटी बहन तनुजा कंठ भी इंजीनियर हैं। FCL कोर्स पूरा करने के बाद भावना की उपलब्धि से उनके गांव और मिथिला क्षेत्र में खुशी का माहौल है।
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