लोहरदगा जिले में मानसून की शुरुआत के साथ ही सर्पदंश की घटनाओं में बढ़ोतरी देखी जा रही है। जंगल और पहाड़ी क्षेत्रों से घिरे जिले में पिछले करीब एक महीने के दौरान 40 से अधिक लोगों के सांप काटने के मामले सामने आए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने बढ़ती घटनाओं को देखते हुए अस्पतालों में जरूरी इंतजाम किए जाने की बात कही है।
लगातार बारिश के कारण सांपों के ठिकानों में पानी भरने से वे सुरक्षित स्थानों की तलाश में घरों और आबादी वाले इलाकों की ओर आने लगे हैं। इसी वजह से ग्रामीण क्षेत्रों में सर्पदंश की घटनाएं बढ़ी हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, पिछले कुछ दिनों में सदर अस्पताल में बड़ी संख्या में सर्पदंश पीड़ित इलाज के लिए पहुंचे हैं।
हाल ही में कुडू प्रखंड के सलगी छापर टोली स्थित एक निजी आवासीय विद्यालय में करैत सांप के काटने से चार छात्र प्रभावित हुए थे। इस घटना में एक छात्र की मौत हो गई थी।
डेढ़ साल में 370 लोग हुए सर्पदंश के शिकार
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले डेढ़ वर्ष में जिले में करीब 370 लोगों को सांप ने काटा है। इनमें वर्ष 2025 में 327 मामले दर्ज किए गए, जबकि वर्ष 2026 के जनवरी से जून तक 43 घटनाएं सामने आईं। वहीं, आपदा प्रबंधन विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार पिछले तीन वर्षों में सर्पदंश से 10 लोगों की मौत हुई है।
अधिकारियों का कहना है कि ग्रामीण इलाकों में जागरूकता की कमी के कारण कई घटनाएं सरकारी रिकॉर्ड तक नहीं पहुंच पाती हैं।
जंगल-पहाड़ी इलाकों में ज्यादा खतरा
लोहरदगा के किस्को, पेशरार, सेन्हा, कुडू और कैरो प्रखंड के कई गांव जंगलों और पहाड़ियों के करीब स्थित हैं। इन इलाकों में जहरीले सांपों, खासकर नाग और करैत के काटने की घटनाएं अधिक सामने आती हैं। खेतों, घरों और आसपास के इलाकों में बारिश के मौसम में सांपों की मौजूदगी बढ़ जाती है।
अस्पतालों में एंटी स्नेक वेनम की व्यवस्था
स्वास्थ्य विभाग ने सर्पदंश के इलाज के लिए जिले के अस्पतालों में एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध होने की जानकारी दी है। विभाग के अनुसार, वर्तमान में जिले में 524 वायल एंटी स्नेक वेनम का स्टॉक मौजूद है।
इनमें सदर अस्पताल में 280 वायल, किस्को में 114, सेन्हा में 60, भंडरा में 40 और कुडू सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 30 वायल उपलब्ध हैं।
सिविल सर्जन डॉ. राजू कच्छप ने बताया कि कैरो और पेशरार में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र होने के कारण वहां एंटी स्नेक वेनम का भंडारण नहीं किया गया है। जरूरत पड़ने पर राज्य स्तर से दवा उपलब्ध कराई जाती है। उन्होंने बताया कि अतिरिक्त 1800 वायल एंटी स्नेक वेनम की मांग भी भेजी गई है।


