नई दिल्ली, 6 नवंबर 2026: राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (NCLT) की मुंबई पीठ ने वीडियोकॉन इंडस्ट्रीज के पूर्व प्रवर्तक एवं निदेशक वेणुगोपाल नंदलाल धूत को दिवालिया घोषित कर दिया है। यह आदेश भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की ओर से 12,668 करोड़ रुपये से अधिक के बकाये को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई के बाद दिया गया।
दिवाला प्रक्रिया के लिए न्यासी नियुक्त
NCLT की दो सदस्यीय पीठ ने गुरुवार को पारित आदेश में धूत के खिलाफ व्यक्तिगत दिवाला प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया। इसके लिए एक दिवाला न्यासी भी नियुक्त किया गया है।
धूत ने वीडियोकॉन इंडस्ट्रीज की ओर से एसबीआई और उसके तत्कालीन सहयोगी बैंकों से ली गई ऋण सुविधाओं के लिए व्यक्तिगत गारंटी दी थी। बाद में इन सहयोगी बैंकों का एसबीआई में विलय हो गया था।
लेनदारों के बीच बांटी जाएगी संपत्ति
न्यायाधिकरण ने दिवाला न्यासी को निर्देश दिया है कि वह सार्वजनिक सूचना जारी कर धूत के लेनदारों से उनके दावों का विवरण मांगे। आदेश के अनुसार, दिवाला प्रक्रिया के तहत धूत की संपत्ति का इस्तेमाल लेनदारों के दावों के निपटारे के लिए किया जाएगा।
धूत को आदेश जारी होने की तारीख से सात दिनों के भीतर निर्धारित प्रारूप में अपनी वित्तीय स्थिति का विवरण दिवाला न्यासी को सौंपना होगा।
90 दिनों में देनी होगी प्रारंभिक रिपोर्ट
NCLT ने दिवाला न्यासी को 90 दिनों के भीतर न्यायाधिकरण और लेनदारों की समिति के समक्ष प्रारंभिक रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। इसके बाद उसे प्रत्येक तिमाही में प्रक्रिया की प्रगति से जुड़ी रिपोर्ट भी देनी होगी।
न्यायाधिकरण के 12 पृष्ठों के आदेश में कहा गया है कि धूत के खिलाफ दिवाला कार्यवाही तब तक जारी रहेगी, जब तक उन्हें दिवाला एवं शोधन अक्षमता संहिता की धारा 138 के तहत कर्ज से मुक्ति नहीं मिल जाती।
वीडियोकॉन समूह के ऋण से जुड़ा है मामला
यह मामला वीडियोकॉन इंडस्ट्रीज लिमिटेड की ओर से एसबीआई और उसके तत्कालीन सहयोगी बैंकों से ली गई ऋण सुविधाओं से संबंधित है। इन बैंकों में स्टेट बैंक ऑफ हैदराबाद, स्टेट बैंक ऑफ मैसूर, स्टेट बैंक ऑफ त्रावणकोर, स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर एंड जयपुर और स्टेट बैंक ऑफ पटियाला शामिल थे।
कुछ ऋण सुविधाएं वीडियोकॉन टेलीकम्युनिकेशंस लिमिटेड ने सह-देनदार के रूप में ली थीं। हालांकि, कंपनियां ऋण चुकाने में विफल रहीं।
एसबीआई की याचिका के अनुसार, 30 सितंबर 2026 तक ब्याज और जुर्माने सहित कुल बकाया राशि 12,668.06 करोड़ रुपये हो गई थी। इसी बकाये के मामले में बैंक ने धूत के खिलाफ व्यक्तिगत दिवाला कार्यवाही शुरू करने की मांग की थी।
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