Friday, November 6, 2026

समस्तीपुर की स्मिता राज ने तीन सरकारी कंपनियों में हासिल की सफलता, Gen Z को दिया मेहनत और लगन का संदेश

Share

समस्तीपुर, 6 नवंबर 2026: बिहार के समस्तीपुर जिले के बिथान प्रखंड स्थित पुसहो गांव की स्मिता राज ने अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर तीन प्रतिष्ठित सरकारी कंपनियों में सफलता हासिल की है। उन्होंने दिल्ली मेट्रो, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) और कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) में अलग-अलग पदों पर चयनित होकर अपने परिवार और गांव का नाम रोशन किया है।

सीमित आर्थिक संसाधनों के बीच पढ़ाई पूरी कर इस मुकाम तक पहुंचीं स्मिता की कहानी उन युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो चुनौतियों के बावजूद अपने करियर के सपने पूरे करना चाहते हैं।

गांव के स्कूल से NIT पटना तक का सफर

स्मिता राज बिथान प्रखंड के पुसहो गांव निवासी रामनंदन मालाकार और शिक्षिका सरिता कुमारी की पुत्री हैं। उनकी शुरुआती पढ़ाई गांव के संध्या देवी सरस्वती शिशु मंदिर में हुई। इसके बाद उन्होंने पीएसपी प्लस टू उच्च माध्यमिक विद्यालय, बिथान से मैट्रिक और इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी की।

इंजीनियर बनने का सपना लेकर उन्होंने जेईई मेन्स की परीक्षा उत्तीर्ण की और एनआईटी पटना में दाखिला लिया। यहां से उन्होंने बीटेक की डिग्री हासिल की।

कैंपस चयन से दिल्ली मेट्रो में मिली नौकरी

बीटेक की पढ़ाई के दौरान ही कैंपस चयन के माध्यम से स्मिता को दिल्ली मेट्रो में सिग्नलिंग मेंटेनेंस इंजीनियर के पद पर नौकरी मिली।

इसके बाद उन्होंने भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) की चयन प्रक्रिया में सफलता हासिल की। उनका चयन बेंगलुरु में मिसाइल सिस्टम (SBU) के डिप्टी इंजीनियर पद पर हुआ।

कोल इंडिया में सहायक प्रबंधक बनीं स्मिता

दिल्ली मेट्रो और BEL में काम करने के बाद स्मिता ने कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) में भी सफलता हासिल की। वर्तमान में वह रांची में सहायक प्रबंधक के पद पर कार्यरत हैं।

तीन प्रतिष्ठित सरकारी कंपनियों में चयन और अलग-अलग जिम्मेदारियों पर काम करने का उनका अनुभव उनकी मेहनत और तकनीकी दक्षता को दर्शाता है।

मां बोलीं- मेरी लाडो ही मेरी लक्ष्मी

स्मिता की सफलता से पूरा परिवार खुश है। उनकी मां सरिता कुमारी का कहना है कि बेटी की उपलब्धि परिवार के लिए गर्व की बात है। उन्होंने बेटी को परिवार की लक्ष्मी बताते हुए कहा कि दीपावली पर उसके नाम का दीया जलाना उनके लिए विशेष खुशी का अवसर है।

पिता ने माता-पिता से की बेटियों को अवसर देने की अपील

स्मिता के पिता रामनंदन मालाकार ने बताया कि निजी शिक्षण संस्थान में काम करते हुए सीमित आय और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच उन्होंने बेटी की उच्च शिक्षा का सपना पूरा करने का प्रयास किया।

उन्होंने माता-पिता से अपील की कि बेटियों पर भरोसा करें, उन्हें अच्छी शिक्षा दें और आगे बढ़ने के समान अवसर प्रदान करें। उनके अनुसार, बेटियों को शिक्षा और सम्मान देना ही सशक्त समाज की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

स्मिता राज की उपलब्धि यह संदेश देती है कि सही अवसर, निरंतर मेहनत और परिवार के सहयोग से छोटे गांवों से निकलकर भी युवा बड़े संस्थानों में अपनी जगह बना सकते हैं।

BHARATSUPERFASTNEWS

Read more

Local News