Friday, June 5, 2026

सिजुआ क्षेत्र की कनकनी कोलियरी में ओबी डंपिंग के लिए बनाए जा रहे रास्ते को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा.

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धनबाद: सिजुआ क्षेत्र की कनकनी कोलियरी में संचालित आउटसोर्सिंग कंपनी द्वारा ओबी डंपिंग के लिए बनाए जा रहे रास्ते को लेकर शुक्रवार को एकड़ा गोपालीचक और आसपास के ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा. ग्रामीणों के विरोध को समर्थन देने धनबाद के मेयर संजीव सिंह भी मौके पर पहुंचे. उन्होंने एकड़ा जोरिया का निरीक्षण किया और बीसीसीएल अधिकारियों को जमकर फटकार लगाते हुए स्पष्ट कहा कि स्थानीय लोगों की भावनाओं और पर्यावरण से खिलवाड़ किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

सिजुआ एरिया-5 की कनकनी कोलियरी में कार्यरत आउटसोर्सिंग कंपनी ओबी डंपिंग की समस्या के समाधान के लिए एकड़ा जोरिया नदी के किनारे सड़क बनाकर बासुदेवपुर क्षेत्र में ओबी डंप करना चाहती है. इसके लिए बीसीसीएल द्वारा गोपालीचक पासी टोला जैसे घनी आबादी वाले इलाके से सड़क निर्माण कराया जा रहा था. ग्रामीणों का आरोप है कि इस रास्ते से भारी वाहनों की आवाजाही होने पर पर्यावरण, जलस्रोत और आबादी पर गंभीर असर पड़ेगा. विरोध के बावजूद सड़क निर्माण जारी रहने से लोगों में नाराजगी बढ़ गई.

ग्रामीणों का कहना है कि जब भी वे इस कार्य का विरोध करते हैं तो अधिकारियों द्वारा उनकी बातों को अनसुना कर दबाव बनाने का प्रयास किया जाता है. मामले की शिकायत ग्रामीणों ने धनबाद मेयर संजीव सिंह से की, जिसके बाद मेयर स्वयं मौके पर पहुंचे. वार्ड संख्या-9 की पार्षद सुनीता पासवान की अगुवाई में ग्रामीणों ने उनका स्वागत किया और पूरे मामले से अवगत कराया.

निरीक्षण के दौरान मेयर संजीव सिंह ने बीसीसीएल अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई. उन्होंने कहा कि एकड़ा जोरिया क्षेत्र हजारों लोगों की आस्था, संस्कृति और पर्यावरण से जुड़ा हुआ है. यहां वर्षों से छठ पूजा का आयोजन होता है और स्थानीय लोग अंतिम संस्कार जैसे धार्मिक कार्य भी इसी क्षेत्र में करते हैं. ऐसे में ओबी डंपिंग और पुल निर्माण जैसी योजनाएं स्थानीय जनभावनाओं के साथ-साथ प्राकृतिक संसाधनों पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालेंगी.

मेयर संजीव सिंह ने कहा कि एकरा जोरिया पर पुल निर्माण और ओबी डंप किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. बिना स्थानीय लोगों की सहमति और पर्यावरणीय प्रभावों का आकलन किए किसी भी प्रकार का कार्य स्वीकार्य नहीं है. जनता की आवाज को नजरअंदाज कर कोई भी परियोजना लागू नहीं होने दी जाएगी.

मेयर ने आरोप लगाया कि एक ओर दूसरी आउटसोर्सिंग कंपनियां अपने निर्धारित क्षेत्र में कार्य कर रही हैं, वहीं आउटसोर्सिंग कंपनी ओबी डंपिंग के लिए ऐसे रास्ते का निर्माण कर रही है जिससे एकड़ा जोरिया का अस्तित्व ही खतरे में पड़ सकता है. उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की जमीन, जलस्रोत और पर्यावरण से जुड़े मुद्दों पर प्रशासन और बीसीसीएल को संवेदनशीलता दिखानी होगी. यदि जनहित की अनदेखी कर जबरन कार्य कराया गया तो बड़ा जनआंदोलन खड़ा होगा.

मौके पर ग्रामीणों ने भी आशंका जताई कि लगातार ओबी डंपिंग और प्रस्तावित निर्माण कार्यों से कृषि भूमि, जलस्रोत और आसपास के गांवों का भविष्य प्रभावित हो सकता है. मेयर ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि वे इस मामले को बीसीसीएल प्रबंधन और सीएमडी के समक्ष मजबूती से उठाएंगे. फिलहाल ग्रामीणों के विरोध के बाद ओबी डंपिंग के लिए बनाए जा रहे रास्ते का कार्य रोक दिया गया है.

एकड़ा जोरिया को बचाने की मांग को लेकर ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों का विरोध अब खुलकर सामने आ गया है. ऐसे में देखना होगा कि बीसीसीएल प्रबंधन इस विवाद का समाधान किस तरह निकालता है और स्थानीय लोगों की चिंताओं को कितनी गंभीरता से लेता है.

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