नई दिल्ली, 15 अक्टूबर 2026: भारत में स्वच्छ ऊर्जा, आधुनिक शहरी बुनियादी ढांचे और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के भविष्य को लेकर अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी और अमेरिकी उद्योगपति माइकल ब्लूमबर्ग के बीच चर्चा हुई। दोनों की मुलाकात नई दिल्ली में आयोजित ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम के दौरान हुई। बातचीत में भारत के आर्थिक विकास, ऊर्जा बदलाव और टिकाऊ विकास से जुड़े मुद्दों पर विचार साझा किए गए।
सोशल मीडिया पर साझा किया मुलाकात का अनुभव
मुलाकात के बाद माइकल ब्लूमबर्ग और गौतम अडानी ने सोशल मीडिया पर अपने विचार साझा किए। ब्लूमबर्ग ने भारत के भविष्य, विकास और ऊर्जा परिवर्तन को लेकर अडानी के विचार जानने को उपयोगी अनुभव बताया।
वहीं, गौतम अडानी ने ब्लूमबर्ग के साथ वैश्विक जलवायु सुधार, मजबूत शहरी बुनियादी ढांचे और टिकाऊ विकास को गति देने के मुद्दों पर हुई चर्चा का उल्लेख किया। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को लेकर ब्लूमबर्ग के दृष्टिकोण की भी सराहना की।
स्वच्छ ऊर्जा सस्ती और सुलभ बनाने पर जोर
गौतम अडानी ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बदलाव ऐसा होना चाहिए, जिससे आम लोगों पर आर्थिक बोझ न बढ़े और उद्योगों की गतिविधियां भी प्रभावित न हों। उनके अनुसार, स्वच्छ ऊर्जा को सफल बनाने के लिए इसे परिवारों और कारोबारों के लिए किफायती तथा भरोसेमंद बनाना जरूरी है।
उन्होंने ग्रीन प्रीमियम यानी पर्यावरण के अनुकूल विकल्प अपनाने में आने वाली अतिरिक्त लागत को कम करने की जरूरत पर जोर दिया। अडानी के मुताबिक, सही नीतियों, निवेश और प्रभावी क्रियान्वयन के जरिए इस लागत को घटाया जा सकता है, ताकि स्वच्छ ऊर्जा अधिक लोगों की पहुंच में आ सके।
भारत के विकास के लिए चार प्रमुख आधार
अडानी ने देश के दीर्घकालिक विकास के लिए निवेश, मजबूत बुनियादी ढांचे और बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि बंदरगाहों, बिजली की लाइनों, ग्रीन हाइड्रोजन संयंत्रों और डेटा सेंटर जैसे भौतिक संसाधनों का निर्माण महत्वपूर्ण है, लेकिन इनके साथ विश्वसनीय डेटा, जवाबदेह संस्थाएं और सुशासन भी जरूरी हैं।
उन्होंने राष्ट्र निर्माण के लिए चार प्रमुख आधार बताए:
- दीर्घकालिक निवेश: विकास परियोजनाओं को लगातार वित्तीय समर्थन देना।
- जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन: योजनाओं को समय पर और निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप पूरा करना।
- पारदर्शी शासन: निर्णयों और प्रक्रियाओं में जवाबदेही सुनिश्चित करना।
- मजबूत स्थानीय नेतृत्व: स्थानीय जरूरतों के अनुसार विकास कार्यों को आगे बढ़ाना।
धारावी पुनर्विकास परियोजना में लोगों के जीवन पर ध्यान
बैठक में मुंबई की धारावी पुनर्विकास परियोजना का मुद्दा भी उठा। गौतम अडानी के अनुसार, इस परियोजना की सफलता का आकलन केवल नई इमारतों या विकसित जमीन के आधार पर नहीं होना चाहिए। स्थानीय निवासियों के जीवन स्तर, रोजगार के अवसरों और आजीविका में होने वाला सुधार भी इसकी सफलता का महत्वपूर्ण पैमाना होना चाहिए।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि शहरी विकास के साथ स्थानीय लोगों का विश्वास बनाए रखना और उनकी आजीविका से जुड़े पहलुओं का ध्यान रखना जरूरी है।
AI, मैन्युफैक्चरिंग और ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर पर नजर
भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, आधुनिक विनिर्माण और हरित बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में बढ़ती संभावनाएं भी चर्चा के प्रमुख विषयों में शामिल रहीं। इन क्षेत्रों में विकास के लिए ऊर्जा की उपलब्धता, डिजिटल पहुंच, विश्वसनीय बुनियादी ढांचे और दीर्घकालिक निवेश की अहम भूमिका है।
बैठक में सामने आए विचारों का मुख्य संदेश यही रहा कि भारत का विकास पर्यावरण संरक्षण, आर्थिक प्रगति और आम नागरिकों के हितों के बीच संतुलन बनाकर आगे बढ़ना चाहिए।
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