Thursday, October 15, 2026

सहरसा एयरपोर्ट के विकास को मिलेगी रफ्तार, 42.52 करोड़ का टेंडर जारी; बनेगा नया रनवे.

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सहरसा, 15 अक्टूबर 2026: बिहार के कोसी क्षेत्र में हवाई कनेक्टिविटी बेहतर करने की दिशा में सहरसा एयरपोर्ट के विकास की तैयारी तेज हो गई है। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) ने एयरपोर्ट को छोटे विमानों के संचालन के अनुकूल बनाने के लिए 42.52 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया है। परियोजना के तहत नया रनवे, टर्मिनल भवन, एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) टावर और अन्य जरूरी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

इस परियोजना से सहरसा और आसपास के इलाकों में हवाई सेवाओं की संभावनाएं बढ़ सकती हैं। हालांकि, नियमित उड़ानें कब शुरू होंगी, यह निर्माण कार्य पूरा होने और आवश्यक मंजूरियों पर निर्भर करेगा।

1,000 मीटर लंबा और 30 मीटर चौड़ा बनेगा रनवे

योजना के अनुसार, एयरपोर्ट के मौजूदा रनवे के कुछ हिस्सों को हटाकर नया रनवे तैयार किया जाएगा। इसकी लंबाई 1,000 मीटर और चौड़ाई 30 मीटर प्रस्तावित है। रनवे स्ट्रिप की कुल लंबाई 1,120 मीटर रखी जाएगी।

विमानों की सुरक्षित आवाजाही को ध्यान में रखते हुए रनवे के दोनों सिरों पर रनवे एंड सेफ्टी एरिया (RESA) भी बनाया जाएगा। परियोजना का उद्देश्य एयरपोर्ट को कोड-2बी श्रेणी के विमानों के संचालन के अनुरूप विकसित करना है।

42.52 करोड़ की परियोजना, 450 दिनों में पूरा करने का लक्ष्य

AAI की ओर से जारी टेंडर के लिए एलके बिल्डर्स और एनएससी प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड ने बोलियां जमा की हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, तकनीकी बोलियां 28 अक्टूबर 2026 को खोली जानी हैं। इसके बाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत निर्माण एजेंसी का चयन किया जाएगा।

चयनित एजेंसी को परियोजना का काम 450 दिनों यानी लगभग 15 महीने में पूरा करना होगा। इस अवधि में मानसून के दो महीने भी शामिल हैं, जिससे निर्माण की समय-सीमा प्रभावित हो सकती है।

टर्मिनल भवन और ATC टावर भी बनेंगे

एयरपोर्ट के आधुनिकीकरण के तहत यात्रियों और विमान संचालन से जुड़ी कई सुविधाएं विकसित करने की योजना है।

  • टर्मिनल भवन: 1,580 वर्ग मीटर में दो मंजिला भवन।
  • ATC टावर: 165 वर्ग मीटर क्षेत्र में निर्माण।
  • फायर स्टेशन: 451 वर्ग मीटर में आधुनिक सुविधा।
  • टैक्सीवे: रनवे और एप्रन को जोड़ने के लिए लिंक टैक्सीवे।
  • अन्य सुविधाएं: पेरिफेरल रोड, ग्राउंड सपोर्ट इक्विपमेंट (GSE) क्षेत्र, वाहन लेन और इमरजेंसी रोड।

टर्मिनल भवन को प्री-फैब्रिकेटेड स्टील स्ट्रक्चर से बनाने की योजना है। इन सुविधाओं का उद्देश्य एयरपोर्ट के संचालन और सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाना है।

जमीन अधिग्रहण पर बिहार सरकार करेगी खर्च

रिपोर्ट के अनुसार, सहरसा एयरपोर्ट के पास फिलहाल करीब 60 एकड़ जमीन उपलब्ध है। प्रस्तावित हवाई सेवाओं के लिए लगभग 15 एकड़ अतिरिक्त जमीन की जरूरत बताई गई है। इसमें से 12 एकड़ जमीन बिहार सरकार उपलब्ध करा रही है।

भूमि अधिग्रहण पर करीब 147 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है, जिसका वहन राज्य सरकार करेगी। यह राशि रनवे निर्माण के लिए जारी 42.52 करोड़ रुपये के टेंडर से अलग बताई गई है।

इससे पहले 22 अप्रैल 2026 को भी टेंडर जारी किया गया था। उस प्रक्रिया में न्यूनतम बोली 24.95 करोड़ रुपये आई थी, लेकिन एजेंसी का अंतिम चयन नहीं हो सका। इसके बाद सितंबर में दोबारा टेंडर निकाला गया।

कोसी क्षेत्र को क्या होगा फायदा?

सहरसा एयरपोर्ट के विकसित होने से कोसी क्षेत्र में हवाई परिवहन की संभावनाओं को बल मिल सकता है। बेहतर बुनियादी ढांचे से यात्रियों, कारोबारियों और आपातकालीन सेवाओं को भविष्य में लाभ मिलने की उम्मीद है।

हालांकि, एयरपोर्ट पर एक साथ दो विमानों के संचालन और नियमित यात्री उड़ानें शुरू होने की वास्तविक स्थिति रनवे की क्षमता, सुरक्षा मानकों, जरूरी अनुमतियों और परिचालन व्यवस्था पर निर्भर करेगी।

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