पटना: जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर अब आधिकारिक रूप से बिहार विधानसभा के सदस्य बन गए हैं। सोमवार को विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने उन्हें विधायक पद की शपथ दिलाई। चूंकि इस समय विधानसभा का सत्र नहीं चल रहा है, इसलिए शपथ ग्रहण विधानसभा अध्यक्ष के कक्ष में हुआ।
शपथ के बाद बोले- बड़ी जिम्मेदारी मिली
शपथ लेने के बाद प्रशांत किशोर ने कहा कि बिहार विधानसभा से कई बड़े नेता जुड़े रहे हैं और इस सदन का सदस्य बनना उनके लिए सम्मान की बात है। उन्होंने इसे बड़ी जिम्मेदारी बताते हुए कहा कि वह समाज के हित में काम करने का प्रयास करेंगे।
बीजेपी उम्मीदवार को 19 हजार से ज्यादा वोटों से हराया
बांकीपुर विधानसभा सीट के चुनाव में प्रशांत किशोर ने बीजेपी प्रत्याशी नीरज सिन्हा को 19,246 वोटों के अंतर से मात दी थी। चुनाव परिणाम 3 अगस्त को घोषित किया गया था। आरजेडी प्रत्याशी रेखा गुप्ता इस मुकाबले में अपनी जमानत नहीं बचा सकीं।
सत्र नहीं होने के कारण चैंबर में हुआ शपथ ग्रहण
आमतौर पर नए विधायकों को विधानसभा सत्र के दौरान शपथ दिलाई जाती है। फिलहाल सदन का कोई सत्र नहीं चल रहा है और मानसून सत्र भी समाप्त हो चुका है। ऐसे में विधानसभा अध्यक्ष के कक्ष में शपथ दिलाने की प्रक्रिया पूरी की गई।
जीत के बाद तीन महीने में बदलाव का दावा
बांकीपुर से चुनाव जीतने के बाद प्रशांत किशोर ने क्षेत्र में जल्द बदलाव लाने का दावा किया था। उन्होंने कहा था कि अगले दो से तीन महीनों में विधानसभा क्षेत्र में बदलाव नजर आने लगेगा। इस दौरान उन्होंने रोजगार, शिक्षा, राशन और बुजुर्गों की पेंशन से जुड़े कई वादे किए थे।
प्रशांत किशोर के प्रमुख वादे
- करीब 10 हजार युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार दिलाने की कोशिश।
- बच्चों की निजी स्कूलों में शिक्षा से जुड़ी व्यवस्था में मदद।
- तीन महीने के भीतर राशन कार्ड से संबंधित व्यवस्थाओं में सुधार का प्रयास।
- 60 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों के लिए 1,100 रुपये मासिक पेंशन दिलाने की पहल।
आगे की राजनीति पर भी नजर
विधायक बनने के बाद प्रशांत किशोर की सक्रियता बिहार की राजनीति में और बढ़ने की उम्मीद है। वह आगामी विधान परिषद की शिक्षक एवं स्नातक सीटों और पंचायत चुनावों को लेकर भी तैयारी कर रहे हैं। इसके अलावा बिहार में दोबारा जनसंपर्क यात्रा शुरू करने की उनकी योजना बताई गई है।
