पटना, 7 अक्टूबर 2026: पटना के सार्वजनिक पार्कों में गंदगी, अतिक्रमण और कथित आपराधिक गतिविधियों को लेकर पटना हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने नगर निगम और पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर नाराजगी जताते हुए सार्वजनिक स्थलों की सुरक्षा और व्यवस्था सुधारने के लिए ठोस कदम उठाने का निर्देश दिया।
सात महीने में दर्ज हुए 22 मामले
पटना जिला सुधार समिति की रिट याचिका पर सुनवाई के दौरान जस्टिस राजीव रॉय ने राजेंद्र नगर स्थित वैशाली गोलंबर और शास्त्री पार्क के आसपास की सुरक्षा व्यवस्था पर चिंता जताई।
कदमकुआं थाना प्रभारी के हलफनामे के अनुसार, 1 जनवरी से 31 जुलाई 2026 के बीच संबंधित क्षेत्र में 22 आपराधिक मामले दर्ज हुए। इनमें चेन स्नैचिंग के 3, बाइक या ई-रिक्शा चोरी के 3, एनडीपीएस एक्ट के 8 और उत्पाद अधिनियम से जुड़े 8 मामले शामिल हैं।
रात में असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर चिंता
अदालत ने कहा कि रात के समय पार्कों में शराब सेवन और नशीले पदार्थों से जुड़ी गतिविधियों की शिकायतें गंभीर हैं। इससे स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ युवाओं और स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता पैदा होती है।
कोर्ट ने पुलिस की जवाबदेही तय करने पर जोर दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि वैशाली गोलंबर क्षेत्र में अपराध रोकने के लिए थाना स्तर पर प्रभावी कार्ययोजना होनी चाहिए।
24 घंटे CCTV और स्ट्रीट लाइट की योजना बनाने का निर्देश
हाईकोर्ट ने पटना नगर निगम के सहयोग से 24 घंटे CCTV निगरानी और पर्याप्त स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था के लिए विस्तृत ब्लूप्रिंट तैयार करने को कहा।
अदालत के मुताबिक पर्याप्त रोशनी और निगरानी व्यवस्था नहीं होने से सार्वजनिक स्थानों पर असामाजिक गतिविधियों का खतरा बढ़ सकता है। कोर्ट ने यह भी संकेत दिया कि व्यवस्था में गंभीर चूक होने पर संबंधित थाना प्रभारी की जवाबदेही तय की जाएगी।
पार्कों में अतिक्रमण और कचरे पर भी सवाल
सुनवाई के दौरान पटना के कई पार्कों में अतिक्रमण, मलबे और गंदगी का मुद्दा भी सामने आया। कोर्ट ने खुले में शौच, जलजमाव और सार्वजनिक स्वच्छता की खराब स्थिति को नागरिकों के स्वास्थ्य और सुरक्षित वातावरण के अधिकार से जोड़ते हुए नगर निगम की कार्यशैली पर सवाल उठाए।
सर शिवसागर रामगुलाम पार्क और सुभाष पार्क का निरीक्षण करने वाली तीन सदस्यीय अधिवक्ताओं की टीम ने भी अपनी रिपोर्ट अदालत में पेश की। रिपोर्ट में पार्कों की स्थिति सुधारने के लिए कई सुझाव दिए गए।
रखरखाव के दावों पर कोर्ट ने मांगा जवाब
न्यू कैपिटल सर्किल के कार्यपालक पदाधिकारी की ओर से पार्कों के नियमित रखरखाव का दावा किया गया था। हालांकि, निरीक्षण रिपोर्ट में सामने आई स्थिति को देखते हुए अदालत ने इन दावो
