धनबाद: झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के मुद्दे पर भाजपा ने गुरुवार को धनबाद में प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में पार्टी नेता और कार्यकर्ता समाहरणालय के सामने जुटे और राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने JPSC, CGL और उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा से जुड़े मामलों की जांच CBI से कराने की मांग की।
भाजपा नेताओं ने इसके साथ ही भर्ती परीक्षाओं को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों पर दर्ज मुकदमों को वापस लेने की मांग भी उठाई।
भानु प्रताप शाही ने सरकार पर लगाए आरोप
भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष भानु प्रताप शाही ने प्रदर्शन के दौरान राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि झारखंड में ट्रांसफर-पोस्टिंग से लेकर सरकारी नियुक्तियों तक में भ्रष्टाचार का बोलबाला है।
शाही ने दावा किया कि भर्ती के नाम पर करीब 10,500 करोड़ रुपये की कथित वसूली हुई है। उन्होंने कहा कि इससे युवाओं के भविष्य पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। भाजपा नेता ने यह भी कहा कि अगर राज्य में उनकी पार्टी की सरकार बनती है तो भ्रष्टाचार में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और उन्हें जेल भेजा जाएगा।
ढुल्लू महतो ने भी उठाई CBI जांच की मांग
धनबाद के सांसद ढुल्लू महतो ने भी भर्ती प्रक्रिया को लेकर सरकार पर सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी नौकरियों की सीटों को कथित तौर पर लाखों रुपये में बेचा जा रहा है।
उन्होंने पूरे मामले की केंद्रीय जांच एजेंसी से जांच कराने की मांग की। महतो ने कहा कि यदि राज्य सरकार CBI जांच की अनुशंसा नहीं करती है तो भाजपा इस मुद्दे को लेकर न्यायालय का रुख करेगी।
सड़क से अदालत तक आंदोलन की चेतावनी
भाजपा नेताओं ने कहा कि भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और युवाओं के अधिकारों के लिए पार्टी अपनी आवाज उठाती रहेगी। नेताओं ने संकेत दिया कि मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन का दायरा और बढ़ाया जा सकता है।
भाजपा की ओर से कहा गया कि जरूरत पड़ने पर इस मुद्दे को लेकर आंदोलन को सड़क से लेकर अदालत तक ले जाया जाएगा।
