धनबाद: झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ भाजपा के प्रदर्शन के दौरान राजनीतिक बयानबाजी भी देखने को मिली। धनबाद में आयोजित विरोध-प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे भवनाथपुर के पूर्व विधायक भानु प्रताप शाही ने स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी पर निशाना साधा।
मीडिया से बातचीत में शाही ने तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को इरफान अंसारी को शिक्षा मंत्री की जिम्मेदारी भी सौंप देनी चाहिए। उनके मुताबिक, इससे मंत्री स्वास्थ्य के साथ शिक्षा विभाग में भी अपना योगदान दे सकेंगे।
JPSC और CGL समेत भर्ती परीक्षाओं को लेकर प्रदर्शन
भाजपा ने गुरुवार को धनबाद में JPSC, CGL और उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा में कथित गड़बड़ियों के विरोध में प्रदर्शन किया। इसी कार्यक्रम में भानु प्रताप शाही भी पहुंचे थे।
प्रदर्शन के दौरान उन्होंने राज्य सरकार और भर्ती प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए। इसी क्रम में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी को लेकर भी टिप्पणी की।
पूर्व शिक्षा मंत्रियों के निधन पर पूछे सवाल पर विवादित बयान
बातचीत के दौरान जब झारखंड के कुछ पूर्व शिक्षा मंत्रियों के असमय निधन से जुड़े सवाल पर शाही से प्रतिक्रिया मांगी गई, तो उन्होंने इरफान अंसारी को लेकर एक विवादित टिप्पणी कर दी।
शाही ने दावा किया कि इरफान अंसारी के साथ ऐसा कुछ नहीं होगा और इसके लिए उन्होंने मंत्री की “मोटी चमड़ी” होने की बात कही। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा शुरू हो गई है।
बयान पर सियासी चर्चा तेज
भानु प्रताप शाही की टिप्पणी को भाजपा के प्रदर्शन के दौरान हुई राजनीतिक बयानबाजी से जोड़कर देखा जा रहा है। खास तौर पर स्वास्थ्य मंत्री को शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी देने वाला उनका तंज और बाद की विवादित टिप्पणी चर्चा का विषय बनी हुई है।
फिलहाल इस बयान को लेकर इरफान अंसारी की ओर से किसी प्रतिक्रिया की जानकारी सामने नहीं आई है।
