Thursday, September 10, 2026

नवरात्रि में मांसाहार पर बयान को लेकर विवाद, बाबा बागेश्वर ने दी सफाई.

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कोलकाता: नवरात्रि और बंगाल की दुर्गा पूजा को लेकर दिए गए अपने हालिया बयान पर बाबा बागेश्वर यानी धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने सफाई पेश की है। उन्होंने कहा कि उनकी बात का गलत अर्थ निकाला गया। उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति के खान-पान या भोजन की पसंद पर टिप्पणी करना नहीं था।

ग्लास्गो, स्कॉटलैंड में कथा के दौरान बाबा बागेश्वर धाम के फेसबुक पेज से एक वीडियो जारी किया गया। इसमें धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अपने बयान को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि वह खुद बलि प्रथा के समर्थक नहीं हैं और किसी निर्दोष जीव की बलि को उचित नहीं मानते।

बंगाल की परंपरा से अपना जुड़ाव बताया

बाबा बागेश्वर ने कहा कि उनके बयान को कुछ लोगों ने अलग संदर्भ में लिया। उन्होंने बंगाल की संस्कृति और वहां की आध्यात्मिक परंपरा से अपने जुड़ाव का भी उल्लेख किया।

उन्होंने स्वामी विवेकानंद और रामकृष्ण परमहंस का जिक्र करते हुए कहा कि वह इन संतों की विचारधारा और बंगाल की संस्कृति का सम्मान करते हैं। उनके मुताबिक, उनकी टिप्पणी का उद्देश्य किसी के भोजन या खान-पान की स्वतंत्रता पर सवाल उठाना नहीं था।

लिलुआ में कथा के दौरान दिया था बयान

दरअसल, हावड़ा के लिलुआ रेलवे वर्कशॉप मैदान में 4 से 6 सितंबर के बीच हनुमंत कथा का आयोजन हुआ था। इसी कार्यक्रम के दौरान बाबा बागेश्वर ने बंगाल की दुर्गा पूजा से जुड़ी परंपराओं और धार्मिक अनुष्ठानों को लेकर कुछ बातें कही थीं।

उनकी टिप्पणी सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में भी प्रतिक्रिया देखने को मिली। कुछ नेताओं और राजनीतिक दलों ने इसे बंगाल की सांस्कृतिक परंपराओं तथा लोगों की खान-पान संबंधी स्वतंत्रता से जोड़कर सवाल उठाए थे।

अब बाबा बागेश्वर ने अपने नए बयान के जरिए यह स्पष्ट करने की कोशिश की है कि उनकी टिप्पणी का आशय किसी समुदाय या व्यक्ति की भोजन संबंधी पसंद पर आपत्ति जताना नहीं था।

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