धनबाद, 7 अक्टूबर 2026: मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया को लेकर इंडिया गठबंधन के घटक दलों ने बुधवार को धनबाद में विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस, राजद और वामदलों के नेताओं व कार्यकर्ताओं ने मार्च निकालकर मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के अंत में डीआरएम चौक पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला जलाया गया।
रणधीर वर्मा चौक से शुरू हुआ मार्च
विरोध मार्च रणधीर वर्मा चौक से शुरू होकर शहर के विभिन्न रास्तों से गुजरते हुए डीआरएम चौक पहुंचा। इस दौरान कार्यकर्ताओं के हाथों में तिरंगा और अलग-अलग राजनीतिक दलों के झंडे थे।
प्रदर्शनकारी लगातार “वोट बचाओ, देश बचाओ” जैसे नारे लगाते रहे। नेताओं ने चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई।
भाजपा पर लगाए आरोप
प्रदर्शन में शामिल गठबंधन नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा चुनाव में वोटों की कथित हेराफेरी के जरिए सत्ता हासिल कर रही है। नेताओं ने बिहार चुनाव का जिक्र करते हुए भी चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाए।
हालांकि, ये आरोप प्रदर्शन में शामिल नेताओं की ओर से लगाए गए हैं। इस संबंध में किसी स्वतंत्र जांच या आधिकारिक निष्कर्ष का उल्लेख प्रदर्शन के दौरान नहीं किया गया।
राहुल गांधी से जुड़ी घटना का भी उठाया मुद्दा
प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली में राहुल गांधी के साथ कथित धक्का-मुक्की की घटना को लेकर केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा। महिला नेताओं ने कहा कि मताधिकार और लोकतांत्रिक अधिकारों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग
प्रदर्शन में शामिल नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने और आगामी चुनाव बैलेट पेपर से कराने की मांग रखी। उन्होंने कहा कि यदि सरकार और चुनाव आयोग ने उनकी मांगों पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया, तो आंदोलन को आगे और व्यापक किया जाएगा।
गठबंधन नेताओं ने कहा कि वे मताधिकार और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर अपना विरोध जारी रखेंगे।
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