गोपालगंज, 15 अक्टूबर 2026: बिहार के गोपालगंज स्थित प्रसिद्ध मां थावे भवानी मंदिर में चोरी के मामले में अदालत ने पांच दोषियों को सजा सुनाई है। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (CJM) भारती कुमारी की अदालत ने चार दोषियों को सात-सात साल के सश्रम कारावास और प्रत्येक पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। वहीं, मामले के पांचवें दोषी को तीन साल की सजा सुनाई गई है।
पुलिस के अनुसार, मामले की सुनवाई स्पीडी ट्रायल के तहत कराई गई। नवरात्रि के दौरान आए इस फैसले की मंदिर के श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के बीच चर्चा हो रही है।
17 दिसंबर 2025 को हुई थी मंदिर में चोरी
मामला 17 दिसंबर 2025 का है। जानकारी के मुताबिक, चोर मंदिर परिसर में घुसे और वहां रखी तिजोरी तथा दानपेटी से आभूषण, मुकुट और अन्य कीमती सामान चोरी कर ले गए थे। घटना सामने आने के बाद इलाके में नाराजगी देखी गई थी।
इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों को गिरफ्तार किया। मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने पांचों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।
चार दोषियों को सात साल की सजा
अदालत ने चार दोषियों को सात-सात साल के सश्रम कारावास के साथ 10-10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। पांचवें दोषी को तीन साल के कारावास की सजा दी गई।
दोषियों की पहचान उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के दीपक राय, गोपालगंज के गुड्डन साई उर्फ गुडल साई और शरीफ साई, मोतिहारी जिले के इजमामुल आलम तथा सिवान जिले के एजाज अली के रूप में बताई गई है।
छह महीने में पूरा हुआ ट्रायल
एसडीपीओ आनंद शंकर शर्मा ने बताया कि मामले को स्पीडी ट्रायल के तहत चलाया गया था। उनके अनुसार, आरोपियों के हिरासत में रहने के दौरान करीब छह महीने में सुनवाई पूरी कराई गई और दोषियों को सजा दिलाई गई।
पुलिस अधिकारी ने इसे नए आपराधिक कानूनों के तहत त्वरित न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
धार्मिक स्थलों की सुरक्षा पर फिर चर्चा
थावे भवानी मंदिर बिहार के प्रमुख धार्मिक स्थलों में गिना जाता है। यहां हुई चोरी के मामले में अदालत के फैसले के बाद धार्मिक स्थलों की सुरक्षा और कीमती वस्तुओं की निगरानी को लेकर भी चर्चा हो रही है।
इस फैसले के साथ मामले में दोषियों को कानून के तहत सजा दी गई है। पुलिस की ओर से की गई कार्रवाई और त्वरित सुनवाई को मामले का अहम पहलू माना जा रहा है।
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