Monday, August 3, 2026

UPI Payment Rules: Google Pay, PhonePe और अन्य ऐप्स से पैसे भेजने का तरीका बदल सकता है, RBI के पास पहुंचा नया प्रस्ताव.

Share

भारत में डिजिटल भुगतान तेजी से बढ़ रहा है और Google Pay, PhonePe, Paytm समेत अन्य UPI प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करोड़ों लोग रोजाना करते हैं। हालांकि, डिजिटल लेनदेन के साथ ऑनलाइन ठगी के मामलों में भी लगातार इजाफा हुआ है। इसी चुनौती से निपटने के लिए बैंकिंग सेक्टर ने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के सामने एक नया सुरक्षा प्रस्ताव रखा है।

यदि इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो संदिग्ध UPI ट्रांजैक्शन के दौरान ग्राहकों को भुगतान पूरा करने से पहले अतिरिक्त पुष्टि (Confirmation) देनी होगी।

क्या है नया प्रस्ताव?

बैंकों ने सुझाव दिया है कि हर UPI भुगतान पर अतिरिक्त प्रक्रिया लागू करने के बजाय केवल जोखिम वाले (High-Risk) लेनदेन पर एक “Yes/No” कन्फर्मेशन पॉप-अप दिखाया जाए।

इस पॉप-अप में उपयोगकर्ता से पूछा जाएगा कि क्या वह संबंधित व्यक्ति या खाते में वास्तव में भुगतान करना चाहता है। “Yes” चुनने पर ही ट्रांजैक्शन आगे बढ़ेगा, जबकि “No” चुनने पर भुगतान रद्द हो जाएगा।

किन मामलों में दिखाई दे सकता है पॉप-अप?

प्रस्ताव के अनुसार यह अतिरिक्त सुरक्षा सुविधा सामान्य भुगतान पर लागू नहीं होगी। यह केवल कुछ विशेष परिस्थितियों में सक्रिय हो सकती है, जैसे—

  • पहली बार किसी नए या अपरिचित व्यक्ति को बड़ी राशि भेजना।
  • उपयोगकर्ता के सामान्य लेनदेन के मुकाबले असामान्य रूप से अधिक रकम का भुगतान करना।
  • किसी नए मोबाइल डिवाइस या नए स्थान से पहली बार UPI ट्रांजैक्शन करना।
  • बैंकिंग सिस्टम द्वारा ट्रांजैक्शन को जोखिमपूर्ण श्रेणी में चिन्हित किया जाना।

क्यों नहीं लागू होगा हर ट्रांजैक्शन पर नियम?

बैंकों का मानना है कि यदि हर बड़े भुगतान पर अतिरिक्त समय या “कूलिंग-ऑफ पीरियड” लागू किया गया, तो UPI की सबसे बड़ी विशेषता—तेज और आसान भुगतान—प्रभावित हो सकती है। देशभर में लाखों व्यापारी और करोड़ों उपभोक्ता तत्काल भुगतान सुविधा पर निर्भर हैं।

इसी कारण केवल संदिग्ध लेनदेन पर अतिरिक्त सत्यापन की व्यवस्था का सुझाव दिया गया है, ताकि सुरक्षा और सुविधा के बीच संतुलन बना रहे।

ऑनलाइन धोखाधड़ी रोकने में मिल सकती है मदद

हाल के वर्षों में साइबर ठग फर्जी कॉल, नकली कस्टमर केयर, फिशिंग लिंक और सोशल इंजीनियरिंग के जरिए लोगों से तत्काल UPI भुगतान करवाने की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। ऐसे मामलों में अतिरिक्त पुष्टि का विकल्प उपयोगकर्ताओं को दोबारा सोचने का अवसर दे सकता है और कई संभावित धोखाधड़ी से बचाया जा सकता है।

RBI के फैसले का इंतजार

फिलहाल यह केवल बैंकों की ओर से दिया गया प्रस्ताव है। भारतीय रिजर्व बैंक इस सुझाव पर विचार कर रहा है। यदि इसे मंजूरी मिलती है, तो भविष्य में UPI भुगतान के दौरान जोखिम वाले ट्रांजैक्शन पर अतिरिक्त कन्फर्मेशन की नई व्यवस्था लागू की जा सकती है। हालांकि, इस संबंध में अभी तक RBI की ओर से कोई अंतिम अधिसूचना जारी नहीं की गई है।

Read more

Local News