Mumbai News, 5 November 2026: भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को जोरदार तेजी देखने को मिली। सकारात्मक वैश्विक संकेतों और निवेशकों की व्यापक खरीदारी के बीच बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स 2,008.61 अंक की बढ़त के साथ 79,310.01 पर बंद हुआ। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 576 अंक यानी 2.4 प्रतिशत उछलकर 24,536.90 के स्तर पर पहुंच गया।
कारोबार के दौरान बैंकिंग, ऑटो, सीमेंट, फाइनेंशियल और रियल्टी सेक्टर के अधिकांश शेयरों में खरीदारी रही। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी निवेशकों ने दिलचस्पी दिखाई।
बैंकिंग, ऑटो और रियल्टी शेयरों में तेजी
गुरुवार को कई सेक्टोरल इंडेक्स में अच्छी बढ़त दर्ज की गई। निफ्टी सीमेंट 2.74 प्रतिशत चढ़ा, जबकि निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज और फाइनेंशियल सर्विसेज एक्स-बैंक इंडेक्स में 2.40 प्रतिशत की तेजी रही।
निफ्टी बैंक 1.71 प्रतिशत बढ़कर 56,867.80 पर बंद हुआ। निफ्टी प्राइवेट बैंक में 1.89 प्रतिशत और निफ्टी पीएसयू बैंक में 1.19 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। रियल्टी इंडेक्स 2.24 प्रतिशत चढ़ा।
इसके अलावा आईटी इंडेक्स में 1.74 प्रतिशत और मीडिया इंडेक्स में 1.84 प्रतिशत की तेजी रही।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी खरीदारी
बाजार की तेजी का असर मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों पर भी दिखाई दिया। निफ्टी मिडकैप 100 में 1.24 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 1.26 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।
निफ्टी स्मॉलकैप 250 करीब 1.44 प्रतिशत चढ़ा, जबकि निफ्टी माइक्रोकैप 250 में 2.02 प्रतिशत की तेजी रही।
सेंसेक्स की 30 कंपनियों में इंटरग्लोब एविएशन, एशियन पेंट्स, बजाज फाइनेंस, मारुति सुजुकी, महिंद्रा एंड महिंद्रा और अल्ट्राटेक सीमेंट के शेयर प्रमुख बढ़त वाले शेयरों में शामिल रहे।
अमेरिकी चुनाव परिणामों से वैश्विक बाजार को मिला सहारा
बाजार में तेजी के पीछे वैश्विक निवेश धारणा में सुधार को भी एक प्रमुख कारण बताया जा रहा है। खबर के अनुसार, 3 नवंबर 2026 को हुए अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के बाद वहां के राजनीतिक समीकरणों में बदलाव से वैश्विक बाजारों का रुख सकारात्मक हुआ।
बुधवार को अमेरिकी शेयर बाजार भी बढ़त के साथ बंद हुए। डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज में 3.03 प्रतिशत, एसएंडपी 500 में 1.58 प्रतिशत और नैस्डैक कंपोजिट में 1.44 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई।
100 डॉलर से नीचे आया ब्रेंट क्रूड
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट ने भी भारतीय बाजार को सहारा दिया। कारोबार के दौरान ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आकर करीब 94 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था।
भारत कच्चे तेल का बड़ा आयातक है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में कमी से देश के आयात बिल और महंगाई पर दबाव कम होने की उम्मीद रहती है।
विदेशी निवेशकों की खरीदारी से बाजार को समर्थन
नवंबर के शुरुआती तीन कारोबारी सत्रों में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने भारतीय शेयर बाजार में करीब 17,235 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश किया। दूसरी ओर, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने लगातार चौथे दिन बिकवाली करते हुए 3,712 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर के मुताबिक, वैश्विक जोखिम धारणा में सुधार, कच्चे तेल की कम कीमतों और संस्थागत निवेशकों की खरीदारी ने बाजार को मजबूती दी है। उन्होंने कहा कि आगे बाजार की दिशा इस बात पर निर्भर करेगी कि प्रमुख सूचकांक मौजूदा बढ़त को कितनी मजबूती से बनाए रख पाते हैं।
एचएसटी वेल्थ के संस्थापक एवं सीईओ हरिसेलवन राधाकृष्णन ने भी अमेरिकी बाजारों में तेजी और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट को सकारात्मक संकेत बताया। उनके अनुसार, यदि यह रुझान बना रहता है तो भारत की आर्थिक और कंपनियों के मुनाफे से जुड़ी संभावनाओं को समर्थन मिल सकता है।
आगे बाजार की दिशा पर रहेगी निवेशकों की नजर
गुरुवार की तेजी से निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ है। हालांकि, विशेषज्ञों के अनुसार कच्चे तेल की कीमतों, विदेशी निवेश के प्रवाह और वैश्विक राजनीतिक घटनाक्रम पर बाजार की आगे की चाल निर्भर करेगी।
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