Ranchi News, 5 November 2026: किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने और कृषि विकास को गति देने के लिए अधिकारी केवल कार्यालयों तक सीमित न रहें, बल्कि गांवों और खेतों तक पहुंचकर किसानों से सीधा संवाद करें। उनकी समस्याओं को समझें और समाधान के लिए सक्रिय पहल करें। यह निर्देश कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग के सचिव अबु बकर सिद्दीकी पी ने जिला कृषि पदाधिकारियों को दिया।
हेसाग स्थित पशुपालन भवन में गुरुवार को ‘खेत बचाओ अभियान सह राज्य स्तरीय रबी कर्मशाला-2026’ का आयोजन किया गया। इसमें विभागीय अधिकारियों, कृषि वैज्ञानिकों और अन्य गणमान्य लोगों ने हिस्सा लिया। कार्यशाला में सरकारी योजनाओं और सब्सिडी का लाभ किसानों तक पहुंचाने के साथ कृषि उत्पादन एवं उत्पादकता बढ़ाने पर जोर दिया गया।
पात्र किसानों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर जोर
कृषि सचिव ने कहा कि सरकार किसानों के हित में कई योजनाएं चला रही है। अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि पात्र किसानों को इन योजनाओं की जानकारी मिले और वे सब्सिडी सहित अन्य सुविधाओं का अधिकतम लाभ उठा सकें।
उन्होंने अधिकारियों से पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम करने और किसानों की समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता देने की अपील की।
खेत बचाओ अभियान और रबी फसल की तैयारी पर चर्चा
सचिव ने कहा कि इस वर्ष की कार्यशाला का मुख्य फोकस खेत बचाओ अभियान और रबी फसलों की तैयारी है। इसके तहत खेतों की उर्वरता और मृदा स्वास्थ्य बनाए रखने, परती भूमि का कृषि कार्यों में उपयोग बढ़ाने तथा रासायनिक उर्वरकों का संतुलित इस्तेमाल करने की जरूरत है।
उन्होंने सभी जिलों में तालाबों, नहरों और अन्य सिंचाई संसाधनों से जुड़े अद्यतन आंकड़े तैयार करने का निर्देश दिया। साथ ही उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
फसल सघनता और बाजार संपर्क मजबूत करने की जरूरत
कृषि सचिव ने फसल सघनता बढ़ाने, कृषि उत्पादकता में सुधार और किसानों को बाजार से बेहतर तरीके से जोड़ने की आवश्यकता बताई। इससे कृषि उत्पादन के साथ किसानों की आमदनी बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
कृषि निदेशक विद्यानंद शर्मा पंकज ने परती भूमि में फसल आच्छादन बढ़ाने और मृदा स्वास्थ्य के संरक्षण को सतत कृषि विकास के लिए जरूरी बताया।
वहीं, बिरसा कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति सीएस दुबे ने कहा कि भूमि की उर्वरा शक्ति बनाए रखना किसानों की आय बढ़ाने की महत्वपूर्ण शर्त है।
कृषि वैज्ञानिकों और विभागीय अधिकारियों ने रखे विचार
कार्यक्रम में मृदा निदेशक विकास कुमार, निदेशक समिति रमाशंकर प्रसाद, गव्य निदेशक संजीव कुमार सहित विभिन्न कृषि वैज्ञानिकों और विभागीय पदाधिकारियों ने कृषि विकास से जुड़े विषयों पर अपने विचार रखे।
कार्यशाला में किसानों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने, खेतों की मिट्टी की गुणवत्ता बनाए रखने और उपलब्ध सिंचाई संसाधनों का प्रभावी उपयोग करने को लेकर विभागीय स्तर पर समन्वित प्रयास करने पर बल दिया गया।
BHARATSUPERFASTNEWS
