पटना, 8 अक्टूबर 2026: बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर सियासी टकराव बढ़ता जा रहा है। विपक्षी दलों के प्रदर्शन और तेजस्वी यादव की हिरासत के बाद जदयू ने महागठबंधन पर निशाना साधा है। जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने विपक्ष से पूछा कि यदि SIR में गड़बड़ी हुई है तो वह ऐसे मतदाता का नाम सामने क्यों नहीं रख रहा, जिसका नाम गलत तरीके से सूची से हटाया गया हो।
तेजस्वी के नेतृत्व में निकला मार्च
मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों के विरोध में महागठबंधन के नेताओं ने पटना में मार्च निकाला। तेजस्वी यादव के नेतृत्व में यह प्रदर्शन शहीद स्मारक से लोकभवन की ओर बढ़ा।
निर्वाचन आयोग कार्यालय के पास पुलिस ने बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को रोक दिया। इसके बाद मौके पर हंगामा हुआ और पुलिस ने तेजस्वी यादव समेत कुछ नेताओं को हिरासत में लिया।
प्रदर्शन के दौरान भाकपा-माले के पूर्व विधायक अजीत कुशवाहा के बेहोश होने की भी जानकारी सामने आई, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।
उमेश कुशवाहा ने प्रदर्शन पर उठाए सवाल
जदयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने विपक्ष के आंदोलन को राजनीतिक प्रदर्शन करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि तेजस्वी यादव अपनी राजनीतिक छवि मजबूत करने के लिए SIR के मुद्दे को उठा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि विपक्ष को मतदाता सूची में अनियमितता के आरोप लगाने के साथ ठोस प्रमाण भी सामने रखना चाहिए। उनके मुताबिक बिना सबूत के चुनाव प्रक्रिया और जनादेश पर सवाल उठाना उचित नहीं है।
‘गलत तरीके से हटाए गए मतदाता का नाम बताएं’
उमेश कुशवाहा ने विपक्ष के सामने सवाल रखा कि SIR प्रक्रिया को लेकर यदि इतने गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं तो अब तक किसी ऐसे पात्र मतदाता का नाम क्यों नहीं बताया गया, जिसका नाम गलत तरीके से हटाया गया हो।
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि विपक्ष किसी ऐसे अपात्र व्यक्ति का नाम भी सामने नहीं ला पाया है, जिसे गलत तरीके से मतदाता सूची में शामिल किया गया हो।
जदयू नेता ने इसी आधार पर विपक्ष से अपने आरोपों के समर्थन में तथ्य सार्वजनिक करने को कहा।
पुलिस ने हिरासत में लिए प्रदर्शनकारी
प्रदर्शन के दौरान स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने कई आंदोलनकारियों को हिरासत में लिया। पटना के एसएसपी कार्तिकेय शर्मा के मुताबिक तेजस्वी यादव और अन्य नेताओं को लोकभवन ले जाया गया, जहां उन्होंने राज्यपाल से मुलाकात की।
पुलिस के अनुसार प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाले कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है। अधिकारियों ने कहा कि आगे की कार्रवाई नियमों के अनुसार की जाएगी।
SIR को लेकर बिहार में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। ऐसे में मतदाता सूची से जुड़े दावों पर आने वाले दिनों में राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।
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