रांची, 15 अक्टूबर 2026: झारखंड के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (RIMS), रांची में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में अहम फैसले लिए गए हैं। संस्थान की जनरल बॉडी (GB) की बैठक में करीब 466 करोड़ रुपये खर्च कर स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार करने का निर्णय लिया गया। इसके तहत 12 नए विभाग खोलने, सुपर स्पेशियलिटी सुविधाएं बढ़ाने और मरीजों की सहायता के लिए नए कर्मचारियों की नियुक्ति की योजना है।
12 हॉस्पिटल मैनेजर और 100 आयुष्मान मित्र होंगे नियुक्त
बैठक में अस्पताल की व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए 12 हॉस्पिटल मैनेजर नियुक्त करने का फैसला लिया गया। इनकी जिम्मेदारी अस्पताल में मरीजों को होने वाली परेशानियों को कम करने और व्यवस्थाओं के समन्वय में मदद करना होगा।
वहीं, आयुष्मान भारत योजना के पात्र मरीजों को सहायता उपलब्ध कराने के लिए 100 आयुष्मान मित्रों की नियुक्ति की योजना बनाई गई है। ये कर्मचारी आयुष्मान कार्डधारकों को योजना से जुड़ी प्रक्रियाओं और अस्पताल में मिलने वाली सुविधाओं के बारे में मार्गदर्शन देने में मदद करेंगे।
RIMS में खुलेंगे 12 नए विभाग
जनरल बॉडी की बैठक में संस्थान में 12 नए विभाग शुरू करने का निर्णय भी लिया गया। इसका उद्देश्य अस्पताल में इलाज की उपलब्धता बढ़ाना और मरीजों को विभिन्न चिकित्सा सेवाएं एक ही संस्थान में उपलब्ध कराने की दिशा में काम करना है।
इसके साथ ही सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं के विस्तार को भी मंजूरी दी गई है। इससे गंभीर और जटिल बीमारियों के इलाज की सुविधाओं को मजबूत करने की योजना है।
PG सीटें 176 से बढ़ाकर 256 करने की योजना
बैठक में स्नातकोत्तर यानी PG पाठ्यक्रमों की सीटें बढ़ाने का भी फैसला लिया गया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सीटों की संख्या 176 से बढ़ाकर 256 करने की योजना है।
इस विस्तार से मेडिकल शिक्षा और विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ाने में मदद मिल सकती है। हालांकि, सीटों में वास्तविक बढ़ोतरी संबंधित नियामक मंजूरी और आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता पर निर्भर करेगी।
सुपर स्पेशियलिटी वार्ड बढ़ाने का प्रस्ताव
RIMS में सुपर स्पेशियलिटी वार्डों की संख्या मौजूदा 11 से बढ़ाकर 150 करने का प्रस्ताव भी बैठक में पारित किए जाने की जानकारी दी गई है। इस योजना का उद्देश्य विशेष उपचार की जरूरत वाले मरीजों के लिए सुविधाओं का विस्तार करना है।
प्रस्ताव के लागू होने पर अस्पताल में अतिरिक्त जगह, उपकरण, चिकित्सा कर्मियों और अन्य संसाधनों की जरूरत होगी। इसलिए इसके क्रियान्वयन की समयसीमा और चरणबद्ध प्रगति महत्वपूर्ण होगी।
मरीजों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने पर जोर
RIMS में प्रस्तावित विस्तार का मुख्य उद्देश्य अस्पताल की क्षमता बढ़ाना, मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराना और आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थियों को सहायता देना है। 466 करोड़ रुपये के प्रस्तावित खर्च के तहत विभागों, वार्डों और अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने की योजना बनाई गई है।
इन फैसलों का वास्तविक लाभ मरीजों को तब मिलेगा, जब नियुक्तियां, निर्माण और अन्य जरूरी प्रक्रियाएं पूरी होकर सुविधाएं जमीन पर उपलब्ध होंगी।
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