Friday, April 17, 2026

Mahakumbh 2025: दो-ढाई हजार साल पुरानी कलाकृतियों को देख व समझ सकेंगे श्रद्धालु, आयोजन को डिजिटल बनाने पर जोर

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महाकुंभ 2025 में प्रदेश भर के पुरातात्विक महत्व के स्थलों-स्मारकों का भी संगम होगा। संस्कृति विभाग संग्रहालयों की 100 कलाकृतियों का एआर-वीआर प्रदर्शन करेगा।

Mahakumbh Prayagraj: महाकुंभ में एक तरफ जहां सभी प्रमुख देवस्थलों का एक विशेष स्थल पर संगम किया गया है, वहीं प्रदेश भर के पुरातात्विक महत्व के स्मारकों व स्थलों, कलाकृतियों का भी संगम होगा। इसमें कई चीजें दो-ढाई हजार साल पुरानी भी हैं। संस्कृति विभाग इन प्रमुख स्थलों के थ्रीडी होलाग्राफिक मॉडल, वर्चुअल रियलिटी, ऑडियो रियलिटी (एआर-वीआर) तकनीकी से संग्रहालय के ऐतिहासिक व सांस्कृतिक पहलुओं का वास्तविक अनुभव कर पाएंगे।

प्रदेश सरकार की ओर से महाकुंभ को डिजिटल बनाने पर भी फोकस होकर काम किया जा रहा है। इसमें आम लोगों से जुड़ी काफी चीजें व सुविधाएं ऑनलाइन की गई हैं। वहीं प्रदेश के अभिलेखागार व संग्रहालयों में काफी प्राचीन कलाकृतियों, मूर्ति, पुरातात्विक महत्व के स्थलों से जुड़ी चीजें संरक्षित हैं। महाकुंभ को देखते हुए संस्कृति विभाग की ओर से इन संग्रहालयों की 100 उत्कृष्ट कलाकृतियों की थ्रीडी स्कैनिंग करवाई गई है।

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