Saturday, April 18, 2026

आखिरकार एक लंबे समय बाद झारखंड को लोकायुक्त मिल ही गया.

Share

रांचीः झारखंड उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति अमिताभ कुमार गुप्ता झारखंड के लोकायुक्त होंगे. राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने राज्य सरकार द्वारा अनुसंशित प्रस्ताव पर स्वीकृति प्रदान करते हुए उन्हें लोकायुक्त नियुक्त किया है.

लोकभवन से मिली जानकारी के अनुसार अधिसूचना जारी होने के बाद जल्द ही उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलायी जाएगी. जस्टिस अमिताभ गुप्ता इससे पहले झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष रहे हैं. नवनियुक्त अमिताभ कुमार गुप्ता 1997 में न्यायिक सेवा में आए और संयुक्त बिहार के समय एडीजे के रूप में योगदान दिया.

बहुचर्चित चारा घोटाला केस की सुनवाई करनेवाले जस्टिस अमिताभ गुप्ता वर्ष 2013 में झारखंड उच्च न्यायालय के जज बने थे और 30 मई 2021 को वहीं से सेवानिवृत्त हुए थे. इसके बाद आरआरडीए ट्रिब्यूनल के चेयरमैन के रूप में उन्होंने कार्य किया था.

ऐसे होती है लोकायुक्त की नियुक्ति

लोकायुक्त एक संवैधानिक पद है जिसकी नियुक्ति राज्यपाल द्वारा की जाती है. लोकायुक्त की नियुक्ति के लिए मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में एक समिति बनती है. जिसमें उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश और विधानसभा में विपक्ष के नेता होते हैं. समिति की अनुशंसा पर नामित व्यक्ति को राज्यपाल या उनके द्वारा अधिकृत व्यक्ति के द्वारा पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई जाती है. लोकायुक्त का कार्यकाल 5 वर्ष या 70 वर्ष की आयु तक होता है या जो भी पहले हो. बहरहाल लोकायुक्त विहीन सरकार का यह आलिशान कार्यालय जस्टिस अमिताभ कुमार गुप्ता की नियुक्ति से अब गुलजार होनेवाला है.

बता दें कि राज्य के लोकायुक्त रहे जस्टिस डीएन उपाध्याय का कार्यकाल फरवरी 2022 तक था. लेकिन कोरोना संक्रमित होने के बाद उनकी असामयिक निधन 29 जून 2021 को दिल्ली एम्स में हो गया था. उनके निधन के बाद से झारखंड में लोकायुक्त का पद खाली है. वर्तमान में लोकायुक्त कार्यालय में चार हजार से अधिक आवेदन सुनवाई के अभाव में लंबित है.

Read more

Local News