26 अक्टूबर 2026 | BHARATSUPERFASTNEWS
रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर राज्य में सियासत तेज हो गई है। मामले में सीआईडी की जांच जारी है। इसी बीच नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने सोशल मीडिया के माध्यम से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और राज्य सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की सीबीआई जांच कराने और मामले में सामने आए लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते को लेकर उठाए सवाल
बाबूलाल मरांडी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया कि JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते के लैपटॉप बैग से 15 अभ्यर्थियों की सूची मिली थी। उनके अनुसार, इस सूची में शामिल 10 अभ्यर्थी 11वीं और 13वीं JPSC परीक्षा पास कर अधिकारी बने हैं।
मरांडी ने इस मामले को झारखंड के युवाओं के भविष्य से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताते हुए सवाल उठाए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सेवानिवृत्ति के बाद एल. खियांग्ते को मुख्य सचिव पद पर सेवा विस्तार देने की कोशिश की गई थी और बाद में उन्हें JPSC का अध्यक्ष बनाया गया।
ये आरोप बाबूलाल मरांडी के सार्वजनिक बयान पर आधारित हैं। इन दावों की पुष्टि और मामले से जुड़े तथ्यों का निर्धारण जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही होगा।
JPSC-JSSC मामले में CBI जांच की मांग
पूर्व मुख्यमंत्री ने JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं तथा नौकरी के बदले पैसे लेने के आरोपों की जांच सीबीआई से कराने की मांग की। उनका कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
मरांडी ने अपने बयान में कहा कि कथित गड़बड़ियों में किसी भी स्तर के अधिकारी या प्रभावशाली व्यक्ति की भूमिका सामने आती है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी युवाओं को न्याय दिलाने और दोषियों को सजा दिलाने के लिए संघर्ष करेगी।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से कार्रवाई करने की अपील
बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से यह भी मांग की कि जांच के दौरान जिन लोगों के नाम सामने आए हैं, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में पद पर बने रहने और जांच को प्रभावित करने की आशंकाओं को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
मरांडी ने अपने पोस्ट के जरिए सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग करते हुए कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मामले में किसी को संरक्षण नहीं मिलना चाहिए।
सीआईडी जांच पर टिकी निगाहें
JPSC परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर सीआईडी की जांच जारी है। जांच एजेंसी मामले से जुड़े लोगों की भूमिका और उपलब्ध साक्ष्यों की पड़ताल कर रही है। इस बीच विपक्ष की ओर से सीबीआई जांच की मांग और सरकार पर लगाए जा रहे आरोपों के कारण मामला राजनीतिक चर्चा के केंद्र में है।
फिलहाल, बाबूलाल मरांडी के आरोपों पर राज्य सरकार या मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की प्रतिक्रिया इस खबर में उपलब्ध नहीं है। जांच पूरी होने और आधिकारिक निष्कर्ष सामने आने के बाद ही मामले के विभिन्न पहलुओं की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
BHARATSUPERFASTNEWS
