26 अक्टूबर 2026 | BHARATSUPERFASTNEWS
रांची: भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) यानी भाकपा माले ने गुजरात में झारखंड के प्रवासी मजदूरों के कथित शोषण, SIR प्रक्रिया और चुनाव आयोग की जवाबदेही समेत कई मुद्दों को लेकर आवाज उठाई है। पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग, शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार और JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं से जुड़े मामलों में अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा की भी मांग की।
सोमवार को रांची स्थित महेंद्र सिंह भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य सहित अन्य नेताओं ने लोकतांत्रिक अधिकारों, रोजगार और शिक्षा से जुड़े सवालों पर अपनी बात रखी।
SIR और चुनाव आयोग की जवाबदेही पर उठाए सवाल
भाकपा माले के राष्ट्रीय महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा कि SIR को रद्द करने की मांग को लेकर देश के विभिन्न हिस्सों में आंदोलन चल रहे हैं। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और वोट चोरी से जुड़े आरोपों का जिक्र करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग का समर्थन किया।
दीपांकर भट्टाचार्य के अनुसार, गंभीर आरोपों के बीच जवाबदेही तय करने के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए। पार्टी ने चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और लोकतांत्रिक व्यवस्था के प्रति जवाबदेही सुनिश्चित करने की जरूरत पर जोर दिया।
शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार पर जताई चिंता
प्रेस कॉन्फ्रेंस में शांतिपूर्ण प्रदर्शन के संवैधानिक अधिकार का मुद्दा भी उठाया गया। दीपांकर भट्टाचार्य ने आरोप लगाया कि पीस बॉन्ड पर हस्ताक्षर करने से जुड़ी जटिल शर्तों के जरिए प्रदर्शनकारियों के लोकतांत्रिक अधिकारों को सीमित करने की कोशिश की जा रही है।
इस दौरान ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की केंद्रीय अध्यक्ष कॉमरेड नेहा द्वारा पीस बॉन्ड पर हस्ताक्षर करने से इनकार किए जाने का भी उल्लेख किया गया। पार्टी ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों और शांतिपूर्ण विरोध की स्वतंत्रता से जुड़ा अहम सवाल बताया।
गुजरात में झारखंड के मजदूरों से 12 घंटे काम कराने का आरोप
भाकपा माले के बगोदर विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक विनोद सिंह ने गुजरात में झारखंड के प्रवासी मजदूरों की कार्य परिस्थितियों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि झारखंड के विभिन्न इलाकों, खासकर गिरिडीह जिले से गुजरात गए मजदूरों से निर्धारित आठ घंटे के बजाय 12 घंटे तक काम कराए जाने की शिकायतें मिल रही हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि कपड़ा मिलों और अन्य कारखानों में मजदूरों को साप्ताहिक अवकाश नहीं मिलने की शिकायतें सामने आ रही हैं। कुछ जगहों पर रविवार को भी छुट्टी नहीं दिए जाने की बात कही गई।
विनोद सिंह ने जोर देकर कहा कि मजदूरों को सम्मानजनक रोजगार और उनके अधिकारों का संरक्षण मिलना चाहिए। उन्होंने निर्धारित कार्य अवधि, साप्ताहिक अवकाश और बेहतर कार्य परिस्थितियां सुनिश्चित करने की जरूरत बताई।
हालांकि, प्रेस कॉन्फ्रेंस में लगाए गए इन आरोपों पर संबंधित कारखाना प्रबंधन या गुजरात के अधिकारियों का पक्ष उपलब्ध नहीं कराया गया।
JPSC-JSSC अभ्यर्थियों के पक्ष को मजबूती से रखने की मांग
निरसा के विधायक अरूप चटर्जी ने झारखंड में शिक्षा और रोजगार से जुड़े आंदोलनों में AISA की भूमिका का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि JPSC-JSSC सहित विभिन्न भर्ती परीक्षाओं से जुड़े हालिया आंदोलनों में संगठन ने अभ्यर्थियों के सवालों को उठाया है।
अरूप चटर्जी ने राज्य सरकार से मांग की कि भर्ती परीक्षाओं से संबंधित मामलों में न्यायालय के समक्ष अभ्यर्थियों का पक्ष मजबूती से रखा जाए। उन्होंने कहा कि सरकार को सही तथ्यों और ठोस तर्कों के आधार पर अपना पक्ष प्रस्तुत करना चाहिए, ताकि छात्रों के हितों की रक्षा हो सके।
नवंबर में होंगे मजदूर सभा और छात्र संगठन के राष्ट्रीय सम्मेलन
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दीपांकर भट्टाचार्य ने पार्टी और उससे जुड़े संगठनों के आगामी कार्यक्रमों की जानकारी भी दी।
उन्होंने बताया कि 21 और 22 नवंबर 2026 को गिरिडीह जिले के सरिया में अखिल भारतीय खेत एवं ग्रामीण मजदूर सभा का राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया जाएगा।
वहीं, 28 से 30 नवंबर 2026 तक महाराष्ट्र के नागपुर में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) का 11वां राष्ट्रीय सम्मेलन होगा। इसके अलावा इंकलाबी नौजवान सभा के सम्मेलन और भाकपा माले के राष्ट्रीय अधिवेशन की तैयारियां भी चल रही हैं।
मजदूरों, छात्रों और लोकतांत्रिक अधिकारों के मुद्दे उठाए
भाकपा माले की इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनाव प्रक्रिया की जवाबदेही, शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार, प्रवासी मजदूरों की कार्य परिस्थितियों और भर्ती परीक्षाओं से जुड़े मामलों को प्रमुखता से उठाया गया। पार्टी ने इन मुद्दों पर संबंधित संस्थाओं और सरकार से जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की।
