Friday, October 23, 2026

Jharkhand News: कोलकाता में दो माओवादी नेताओं मंगल और मालती ने किया सरेंडर, ₹7 लाख का था इनाम.

Share

Jharkhand News: झारखंड से जुड़े दो माओवादी नेताओं मंगल और मालती ने पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को दोनों कोलकाता पुलिस मुख्यालय लालबाजार पहुंचे और वरिष्ठ अधिकारियों के सामने सरेंडर किया। पुलिस के मुताबिक, झारखंड पुलिस ने दोनों पर कुल ₹7 लाख का इनाम घोषित कर रखा था। इस दौरान हथियार और गोला-बारूद बरामद होने की भी जानकारी सामने आई है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, दोनों लंबे समय से भूमिगत थे। अब उन्होंने सशस्त्र संघर्ष का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया है। उनके आत्मसमर्पण के बाद पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई और पुनर्वास की संभावनाओं पर विचार कर रही है।

मंगल पर ₹5 लाख और मालती पर ₹2 लाख का इनाम

कोलकाता के पुलिस कमिश्नर अजय नंदा ने प्रेस ब्रीफिंग में दोनों माओवादी नेताओं के आत्मसमर्पण की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि झारखंड पुलिस ने मंगल पर ₹5 लाख और मालती पर ₹2 लाख का इनाम घोषित किया था।

इस तरह दोनों पर कुल ₹7 लाख का इनाम था। पुलिस के मुताबिक, दोनों के नाम पश्चिम बंगाल समेत अन्य राज्यों में दर्ज कई मामलों से जुड़े हैं। इसलिए आत्मसमर्पण के बाद भी उनके खिलाफ संबंधित मामलों में कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।

लंबे समय से भूमिगत थे दोनों माओवादी नेता

मंगल और मालती मूल रूप से झारखंड से जुड़े बताए गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों लंबे समय से भूमिगत रहकर माओवादी गतिविधियों से जुड़े थे। अब उन्होंने हथियारबंद संघर्ष छोड़कर सामान्य जीवन में लौटने का निर्णय लिया है।

आत्मसमर्पण के बाद मंगल ने हिंसा का रास्ता छोड़ने के फैसले पर बात करते हुए कहा कि हथियार उठाने से समाज को लाभ नहीं होता और इससे तबाही तथा हिंसा बढ़ती है। उसने बताया कि इसी अहसास के बाद दोनों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया।

लालबाजार में हथियार और गोला-बारूद बरामद

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दोनों माओवादी नेताओं के पास से बड़ी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया है। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्ट में बरामद हथियारों की संख्या, प्रकार और गोला-बारूद की मात्रा का विस्तृत ब्योरा नहीं दिया गया है।

बरामद सामग्री की आधिकारिक सूची और उससे जुड़े विवरण सामने आने के बाद मामले की तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।

पश्चिम बंगाल और झारखंड में दर्ज मामलों की होगी जांच

कोलकाता पुलिस के अनुसार, मंगल और मालती के नाम पश्चिम बंगाल तथा अन्य राज्यों में दर्ज कई मामलों से जुड़े हैं। पश्चिम मेदिनीपुर जिले के सालबोनी थाने में मंगल के खिलाफ भी कई मामले लंबित होने की जानकारी दी गई है।

पुलिस को संदेह है कि मंगल का संबंध जंगलमहल क्षेत्र में पहले हुई कुछ माओवादी घटनाओं से हो सकता है। हालांकि, इन मामलों में उसकी भूमिका की पुष्टि जांच और संबंधित कानूनी प्रक्रिया के आधार पर ही होगी।

झारखंड पुलिस की एक टीम के कोलकाता पहुंचकर दोनों से पूछताछ करने की संभावना भी जताई गई है। पूछताछ के दौरान विभिन्न राज्यों में दर्ज मामलों, कथित गतिविधियों और बरामद हथियारों से संबंधित जानकारी जुटाई जा सकती है।

पुनर्वास और मुख्यधारा में वापसी पर भी विचार

कोलकाता पुलिस ने संकेत दिया है कि दोनों को समाज की मुख्यधारा में वापस लाने के लिए पुनर्वास से जुड़े विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। इस प्रक्रिया में राज्य सरकार की नीतियों और लागू पुनर्वास पैकेजों को ध्यान में रखा जा सकता है।

हालांकि, दोनों को पुनर्वास योजना का लाभ कब और किस प्रक्रिया के तहत मिलेगा, इसकी विस्तृत जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।

माओवादी गतिविधियों पर क्या पड़ेगा असर?

मंगल और मालती के आत्मसमर्पण को सुरक्षा एजेंसियों के लिए महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। दोनों पर घोषित इनाम और विभिन्न राज्यों में दर्ज मामलों को देखते हुए पुलिस उनके नेटवर्क तथा गतिविधियों से संबंधित जानकारी जुटाने की कोशिश कर सकती है।

साथ ही, उनका आत्मसमर्पण दूसरे भूमिगत माओवादी सदस्यों के लिए हिंसा छोड़कर सामान्य जीवन में लौटने का संदेश भी दे सकता है। हालांकि, माओवादी गतिविधियों पर इसका वास्तविक प्रभाव आगे की जांच और सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई के बाद ही स्पष्ट होगा।

BHARATSUPERFASTNEWS

Read more

Local News