पटना | 23 अक्टूबर 2026 | BHARATSUPERFASTNEWS
बिहार में छोटे और सीमांत किसानों के लिए किफायती कृषि मशीनरी उपलब्ध कराने की दिशा में पहल की जा रही है। UGT Tech Private Limited राज्य में इलेक्ट्रिक हैंड ट्रैक्टर, पावर टिलर और आधुनिक कृषि मशीनरी की असेंबलिंग एवं निर्माण के लिए औद्योगिक इकाई स्थापित करने की तैयारी कर रही है। इस काम में बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकार (BIADA) सहयोग कर रहा है।
कंपनी का उद्देश्य खेती और बागवानी में इस्तेमाल होने वाली ऐसी मशीनें विकसित करना है, जिन्हें छोटे किसान भी अपनी जरूरतों के अनुसार इस्तेमाल कर सकें। इस पहल से बिहार में कृषि तकनीक के विकास के साथ स्थानीय स्तर पर औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
BIADA की मदद से औद्योगिक इकाई स्थापित करने की तैयारी
बिहार सरकार राज्य में औद्योगिक निवेश और नए उद्यमों को प्रोत्साहित करने के लिए BIADA के माध्यम से भूमि और औद्योगिक शेड आवंटित कर रही है। इसी क्रम में UGT Tech Private Limited ने भी बिहार में अपनी औद्योगिक इकाई स्थापित करने के लिए आवेदन किया है।
कंपनी की प्रतिनिधि मिट्ठू मिश्रा के अनुसार, BIADA की ओर से भूमि और शेड आवंटन की सुविधा के बारे में जानकारी मिलने के बाद कंपनी ने आवेदन किया। उन्होंने बताया कि आवेदन के बाद उन्हें सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली और प्रक्रिया में सहयोग प्राप्त हुआ।
कंपनी बिहार में उपयुक्त स्थान पर असेंबलिंग और मशीनरी निर्माण का काम शुरू करना चाहती है। हालांकि, औद्योगिक इकाई के स्थान, उत्पादन शुरू होने की तारीख और निर्माण क्षमता के बारे में विस्तृत जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
छोटे किसानों के लिए इलेक्ट्रिक हैंड ट्रैक्टर पर जोर
UGT Tech Private Limited के प्रतिनिधि कौशिक के मुताबिक, कंपनी छोटे किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखकर किफायती इलेक्ट्रिक हैंड ट्रैक्टर और कृषि मशीनरी तैयार करने पर काम कर रही है।
इन मशीनों का इस्तेमाल खेती, बागवानी और कृषि से जुड़े विभिन्न कार्यों में किया जा सकता है। छोटे खेतों में काम करने वाले किसानों के लिए हल्की और उपयोगी मशीनरी कई परिस्थितियों में मददगार हो सकती है।
कंपनी का लक्ष्य ऐसी मशीनें उपलब्ध कराना है, जिनका उपयोग छोटे और सीमांत किसान अपनी खेती की जरूरतों के अनुसार कर सकें। कंपनी के प्रतिनिधियों का मानना है कि ऐसी मशीनरी की मांग बिहार सहित पूर्वी भारत और अन्य कृषि क्षेत्रों में भी हो सकती है।
इलेक्ट्रिक मशीनों से खेती का खर्च कम होने की उम्मीद
खेती में पारंपरिक डीजल से चलने वाली मशीनों के इस्तेमाल पर ईंधन का खर्च आता है। इलेक्ट्रिक कृषि मशीनरी उपलब्ध होने पर कुछ कामों में ईंधन खर्च कम करने में मदद मिल सकती है।
हालांकि, वास्तविक बचत मशीन की कीमत, बैटरी की क्षमता, बिजली की उपलब्धता, रखरखाव और उपयोग की परिस्थितियों पर निर्भर करेगी। इसलिए इलेक्ट्रिक मशीनरी से हर किसान का खर्च कितना कम होगा, इसका आकलन संबंधित मशीन के तकनीकी विवरण और वास्तविक उपयोग के आधार पर ही किया जा सकता है।
यदि किफायती कीमत पर उपयुक्त मशीनें उपलब्ध होती हैं, तो छोटे किसानों के लिए आधुनिक कृषि तकनीक अपनाना आसान हो सकता है।
बिहार में कृषि तकनीक और उद्योग को मिलेगा बढ़ावा
बिहार में कृषि मशीनरी के स्थानीय निर्माण से औद्योगिक गतिविधियों को विस्तार मिलने की संभावना है। यदि कंपनी की योजना के अनुसार उत्पादन शुरू होता है, तो मशीनों की असेंबलिंग, निर्माण और उनसे जुड़ी सेवाओं के क्षेत्र में नए अवसर पैदा हो सकते हैं।
BIADA की ओर से भूमि और शेड उपलब्ध कराने की व्यवस्था नए उद्यमों को औद्योगिक क्षेत्र में जगह तलाशने में मदद कर सकती है। इससे राज्य में कृषि तकनीक से जुड़े व्यवसायों को आगे बढ़ने का अवसर मिल सकता है।
हालांकि, रोजगार के संभावित अवसरों, उत्पादन की मात्रा और मशीनों की कीमत को लेकर अभी कोई निश्चित आंकड़ा उपलब्ध नहीं है।
किसानों को कब मिलेंगी ये मशीनें?
फिलहाल UGT Tech Private Limited बिहार में अपनी औद्योगिक इकाई स्थापित करने की तैयारी कर रही है। कंपनी की योजना इलेक्ट्रिक हैंड ट्रैक्टर और अन्य कृषि मशीनरी की असेंबलिंग एवं निर्माण करने की है।
मशीनों का उत्पादन कब शुरू होगा, उनकी कीमत कितनी होगी और किसान उन्हें कहां से खरीद सकेंगे, इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है। इन विवरणों की घोषणा होने के बाद ही किसानों के लिए उपलब्धता और संभावित लागत का स्पष्ट आकलन किया जा सकेगा।
कुल मिलाकर, बिहार में किफायती इलेक्ट्रिक कृषि मशीनरी के निर्माण की यह पहल छोटे किसानों तक आधुनिक तकनीक पहुंचाने की दिशा में एक संभावित कदम है। इसके वास्तविक लाभ इस बात पर निर्भर करेंगे कि कंपनी अपनी औद्योगिक इकाई कब स्थापित करती है और किसानों को मशीनें कितनी किफायती कीमत पर उपलब्ध करा पाती है।
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