वैश्विक अनिश्चितताओं और भू-राजनीतिक तनाव के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए बड़ी और सकारात्मक खबर सामने आई है. अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, भारत आने वाले वर्षों में दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना रहेगा. विशेष रूप से वर्ष 2026 के लिए जारी अनुमानों में भारत ने चीन और अमेरिका जैसे दिग्गज देशों को पीछे छोड़ते हुए शीर्ष स्थान हासिल किया है.
IMF ने भारत की विकास दर का अनुमान बढ़ाया
आईएमएफ की रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2026 में भारत की जीडीपी ग्रोथ रेट 6.5% रहने का अनुमान है. उल्लेखनीय है कि वैश्विक निकाय ने भारत पर भरोसा जताते हुए अपने पुराने अनुमान (6.4%) में बढ़ोतरी की है. यह वृद्धि दर दर्शाती है कि भारत ने न केवल कोविड के बाद मजबूती से वापसी की है, बल्कि रूस-यूक्रेन और मिडिल ईस्ट में जारी संघर्षों के बावजूद अपनी घरेलू मांग और उत्पादन क्षमता को स्थिर रखा है.
चीन और अमेरिका की रफ्तार सुस्त
रिपोर्ट के सबसे चौंकाने वाले आंकड़े चीन और अमेरिका से जुड़े हैं. कभी दुनिया का ग्रोथ इंजन कहे जाने वाले चीन की विकास दर 2026 में घटकर 4.4% रहने की संभावना जताई गई है. हालांकि चीन सरकार 5% से अधिक का दावा कर रही है, लेकिन आईएमएफ के आंकड़े ‘ड्रैगन’ की सुस्त पड़ती रफ्तार की ओर इशारा कर रहे हैं. वहीं, दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था अमेरिका की स्थिति और भी कमजोर नजर आ रही है. अनुमान के मुताबिक, 2026 में अमेरिकी जीडीपी महज 2.3% की दर से बढ़ेगी, जो नाइजीरिया (4.1%) और सऊदी अरब (3.1%) जैसे उभरते देशों से भी काफी कम है.
यूरोपीय और एशियाई दिग्गज देशों का हाल
विकसित देशों की सूची में शामिल स्पेन 2.1% के साथ छठे स्थान पर है. इसके बाद ब्राजील (1.9%), मेक्सिको (1.6%) और कनाडा (1.5%) का नंबर आता है. युद्ध झेल रहे रूस की विकास दर केवल 1.1% रहने की उम्मीद है. सबसे चिंताजनक स्थिति जर्मनी (0.8%), ब्रिटेन (0.8%) और जापान (0.7%) की है, जिनकी अर्थव्यवस्थाएं एक प्रतिशत की वृद्धि दर को छूने के लिए भी संघर्ष करती दिख रही हैं.
भारत की सफलता के पीछे के कारण
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की इस शानदार रफ्तार के पीछे सरकार द्वारा बुनियादी ढांचे पर किया जा रहा भारी खर्च, डिजिटल क्रांति और बढ़ता मध्यम वर्ग है. विदेशी निवेश (FDI) के लिए भारत का एक सुरक्षित केंद्र बनना भी इसमें सहायक रहा है.
आईएमएफ के ये आंकड़े स्पष्ट करते हैं कि आने वाला दशक भारत का है. यदि भारत इसी निरंतरता के साथ आगे बढ़ता है, तो वह जल्द ही दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने के अपने लक्ष्य को प्राप्त कर लेगा.


