Wednesday, April 22, 2026

अमेरिका-ईरान तनाव के बीच सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ने से घरेलू बाजार में सोना-चांदी 2% उछले.

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मुंबई: वैश्विक राजनीति में बढ़ते तनाव और कूटनीतिक उतार-चढ़ाव के बीच बुधवार को कमोडिटी बाजार में भारी हलचल देखी गई. अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष विराम (Ceasefire) की अवधि बढ़ाए जाने की खबरों के बाद भारतीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोने और चांदी की कीमतों में जबरदस्त तेजी आई है. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर दोनों कीमती धातुओं के भाव में 2 प्रतिशत तक की बढ़त दर्ज की गई.

MCX पर उछले दाम
बुधवार को मुंबई के बाजारों और MCX पर सोने का जून वायदा अनुबंध 1.33 प्रतिशत यानी ₹2,028 की उछाल के साथ ₹1,53,699 प्रति 10 ग्राम के इंट्रा-डे हाई पर पहुंच गया. कारोबार के दौरान सोने ने ₹1,53,052 का निचला स्तर भी छुआ, लेकिन खरीदारी के समर्थन से यह ₹1,53,500 के ऊपर बना रहा.

चांदी की बात करें तो इसके मई अनुबंध में और भी ज्यादा चमक देखी गई. चांदी की कीमतें 2 प्रतिशत से अधिक यानी लगभग ₹6,000 की तेजी के साथ ₹2,50,698 प्रति किलोग्राम पर पहुंच गईं. औद्योगिक मांग और सुरक्षित निवेश के रूप में चांदी की बढ़ती मांग ने इसे ₹2.50 लाख के मनोवैज्ञानिक स्तर के पार पहुंचा दिया.

अंतरराष्ट्रीय बाजार का हाल
वैश्विक स्तर पर भी बुलियन मार्केट में तेजी का माहौल रहा. अंतरराष्ट्रीय बाजार (COMEX) में सोना 1.13 प्रतिशत बढ़कर $4,773.21 प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा. वहीं, चांदी 1.97 प्रतिशत की बढ़त के साथ $77.99 प्रति औंस तक पहुंच गई. बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक अनिश्चितता के दौर में निवेशक डॉलर के बजाय सोने में निवेश को अधिक सुरक्षित मान रहे हैं.

भू-राजनीतिक घटनाक्रम का असर
कीमतों में इस उछाल का मुख्य कारण अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा अमेरिका-ईरान संघर्ष विराम की समय सीमा को बढ़ाना है. हालांकि, इस विस्तार की सटीक अवधि और शर्तें अभी स्पष्ट नहीं हैं, जिससे बाजार में संशय और अनिश्चितता बनी हुई है. रिपोर्टों के अनुसार, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर ने शांति वार्ता के लिए समय देने के उद्देश्य से ईरान पर हमलों को और लंबे समय तक रोकने का आग्रह किया था.

आगे क्या हैं संकेत?
मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, सोने के लिए ₹1,55,000 का स्तर पार करना महत्वपूर्ण है. यदि यह इस स्तर के ऊपर टिकता है, तो भाव ₹1,58,000 तक जा सकते हैं. दूसरी ओर, चांदी के लिए ₹2,55,000 का स्तर बड़ा रेजिस्टेंस (रुकावट) बना हुआ है. जब तक भू-राजनीतिक स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं होती, बाजार में इसी तरह का उतार-चढ़ाव बना रहेगा.

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