देवघर: श्रावणी मेले के दौरान देवघर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच स्वास्थ्य विभाग ने मलेरिया को लेकर निगरानी बढ़ा दी है। लगातार बारिश और जगह-जगह जलजमाव के बीच मेला ड्यूटी में तैनात पुलिसकर्मियों में मलेरिया के मामले सामने आए हैं। अब तक दो पुलिसकर्मियों में मलेरिया की पुष्टि हुई है।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा और मेला क्षेत्र में भीड़ नियंत्रण के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। इसी दौरान कुछ जवानों में मलेरिया जैसे लक्षण मिलने के बाद प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने जांच एवं निगरानी तेज कर दी है।
चाईबासा और सारंडा से आए जवानों की स्क्रीनिंग
जानकारी के अनुसार चाईबासा और सारंडा क्षेत्र से मेला ड्यूटी के लिए पहुंचे कुछ पुलिसकर्मियों में मलेरिया के लक्षण पाए गए। इसके बाद प्रशासन ने पुलिस बल की स्क्रीनिंग शुरू कर दी।
जिन जवानों में संदिग्ध लक्षण मिल रहे हैं, उन्हें अलग रखकर आवश्यक जांच कराई जा रही है, ताकि संक्रमण की स्थिति का जल्द पता लगाया जा सके।
40 पुलिसकर्मियों के लिए गए सैंपल
जिला मलेरिया पदाधिकारी डॉ. अभय कुमार यादव के अनुसार अब तक दो पुलिसकर्मियों की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इसके अलावा करीब 40 पुलिसकर्मियों के सैंपल जांच के लिए लिए गए हैं।
संक्रमित पाए गए जवानों का उपचार शुरू कर दिया गया है। फिलहाल किसी अन्य पुलिसकर्मी की स्थिति गंभीर नहीं बताई गई है।
जवानों के बीच बांटी गई मच्छरदानी
मलेरिया से बचाव के लिए प्रशासन ने मेला ड्यूटी में तैनात पुलिसकर्मियों को मच्छरदानियां भी उपलब्ध कराई हैं। इसके साथ ही मेला क्षेत्र में बीमारी की रोकथाम और जागरूकता को लेकर अभियान चलाया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग की टीमें श्रद्धालुओं और ड्यूटी में तैनात जवानों की स्थिति पर भी लगातार नजर रख रही हैं।
लगातार निगरानी पर स्वास्थ्य विभाग का जोर
डॉ. अभय कुमार यादव के मुताबिक मलेरिया के संक्रमण के लक्षण तुरंत सामने आना जरूरी नहीं है। ऐसे में मेला क्षेत्र में लगातार निगरानी और स्क्रीनिंग की जा रही है, ताकि संभावित मामलों की पहचान समय पर हो सके और संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा सकें।
लक्षण दिखने पर तुरंत जांच कराने की अपील
मलेरिया के मामलों को देखते हुए जिले में स्वास्थ्य विभाग को सतर्क रखा गया है। आम लोगों से भी अपील की गई है कि अगर बुखार या मलेरिया से संबंधित कोई लक्षण नजर आए तो उसे नजरअंदाज न करें और जल्द से जल्द नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या चिकित्सक से संपर्क करें।
श्रावणी मेले के दौरान बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी को देखते हुए प्रशासन स्वास्थ्य निगरानी के साथ-साथ मच्छरजनित बीमारी से बचाव के उपायों पर भी विशेष ध्यान दे रहा है।
