रांची: JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के समर्थन में डुमरी विधायक और झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के नेता जयराम महतो ने रविवार को 24 घंटे का निर्जला उपवास शुरू किया। उन्होंने भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई है।
पुराने विधानसभा परिसर में शुरू किया उपवास
जयराम महतो ने रांची के पुराने विधानसभा परिसर में सुबह करीब 6 बजे अपना उपवास शुरू किया। उनका यह कदम जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहे छात्र आंदोलन के समर्थन में है। बताया गया है कि छात्र 25 जुलाई से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं।
महतो ने कहा कि छात्रों की मांगों को लेकर सरकार को गंभीरता से पहल करनी चाहिए। उन्होंने आंदोलनरत छात्रों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनने की अपील भी की।
विवादित परीक्षाओं को रद्द करने की मांग
जयराम महतो ने कथित तौर पर विवादों में आई JPSC और JSSC से संबंधित नियुक्ति परीक्षाओं को रद्द करने की मांग की है। साथ ही उन्होंने पूरे मामले की स्वतंत्र जांच कराने और यदि अनियमितता साबित होती है तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई किए जाने की बात कही।
उन्होंने जांच का दायरा JPSC और JSSC से जुड़े अधिकारियों तक रखने की भी मांग की है, ताकि किसी भी स्तर पर संभावित भूमिका की निष्पक्ष जांच हो सके।
CBI जांच की मांग उठाई
महतो ने मामले की जांच केंद्रीय जांच एजेंसी से कराने की मांग की है। उनका कहना है कि भर्ती प्रक्रिया से जुड़े आरोप गंभीर हैं और पूरे मामले की निष्पक्षता के साथ जांच जरूरी है।
उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को आंदोलन कर रहे छात्रों से सीधे बातचीत करनी चाहिए, ताकि उनकी मांगों और सरकार के पक्ष के बीच संवाद स्थापित हो सके।
विधानसभा घेराव का भी समर्थन
जयराम महतो ने छात्रों की ओर से प्रस्तावित विधानसभा घेराव के कार्यक्रम का समर्थन करने की बात कही। उन्होंने संकेत दिया कि यदि सरकार की ओर से ठोस पहल नहीं होती है तो आंदोलन को आगे बढ़ाने की रणनीति पर विचार किया जाएगा।
फिलहाल JPSC-JSSC भर्ती प्रक्रिया को लेकर छात्रों का आंदोलन जारी है और जयराम महतो के उपवास से इस मुद्दे पर राजनीतिक दबाव और बढ़ने की संभावना है।
