भिवानी/चंडीगढ़: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की महिला डिस्कस थ्रो स्पर्धा में हरियाणा की एथलीट डॉ. सीमा कालीरमन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक अपने नाम किया। प्रतियोगिता में शुरुआती चुनौती के बावजूद उन्होंने तीसरे प्रयास में 58.65 मीटर का थ्रो कर तीसरा स्थान हासिल किया। उनकी इस उपलब्धि पर परिवार, गांव और पूरे प्रदेश में खुशी का माहौल है।
“इनाम मिलने की चाह से शुरू किया था खेल”
पदक जीतने के बाद सीमा ने अपनी खेल यात्रा को याद करते हुए कहा कि बचपन में दूसरे खिलाड़ियों को देखकर उन्हें खेलों में रुचि पैदा हुई। उन्होंने बताया कि राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में मिलने वाले पुरस्कार और सम्मान ने उन्हें खेल के प्रति और अधिक प्रेरित किया। लगातार अभ्यास और मेहनत के दम पर उन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक अपनी पहचान बनाई।
गांव और ससुराल में जश्न
सीमा की सफलता के बाद भिवानी जिले के दिनोद गांव स्थित उनके ससुराल में उत्सव का माहौल है। परिवार और ग्रामीणों ने मिठाइयां बांटकर खुशी मनाई। उनके ससुर भूप सिंह ने कहा कि सीमा की उपलब्धि पूरे गांव, हरियाणा और देश के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सीमा की सफलता से नई पीढ़ी, खासकर बेटियां, खेलों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित होंगी।
मुख्यमंत्री ने दी बधाई
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सीमा कालीरमन को कांस्य पदक जीतने पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंच पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रदेश और देश का सम्मान बढ़ाया है। मुख्यमंत्री ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना भी की।
संघर्ष और उपलब्धियों की प्रेरक कहानी
भिवानी जिले से संबंध रखने वाली सीमा कालीरमन वर्तमान में चौधरी बंसी लाल विश्वविद्यालय से शारीरिक शिक्षा (फिजिकल एजुकेशन) में पीएचडी कर रही हैं। वह एक छोटे बच्चे की मां भी हैं। वर्ष 2022 में बेटे के जन्म के बाद उन्होंने कुछ समय का विराम लिया और करीब 11 महीने बाद दोबारा प्रशिक्षण शुरू किया। कड़ी मेहनत के बल पर उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के लिए क्वालिफाई किया और अब पदक जीतकर अपनी मेहनत को सफल साबित किया।
उनके पति रविंदर, जो स्वयं राष्ट्रीय स्तर के डिस्कस थ्रो खिलाड़ी रह चुके हैं, वर्तमान में उनके कोच के रूप में प्रशिक्षण में सहयोग कर रहे हैं।
प्रमुख उपलब्धियां
- कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: 58.65 मीटर के थ्रो के साथ कांस्य पदक।
- राष्ट्रीय अंतरराज्यीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता (भुवनेश्वर): 59.73 मीटर के प्रदर्शन के साथ स्वर्ण पदक।
- राज्य स्तरीय प्रतियोगिताएं: हैप्टाथलॉन और ट्रिपल जंप में स्वर्ण पदक।
सीमा कालीरमन की उपलब्धि को हरियाणा की खेल परंपरा के लिए एक और महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। उनकी संघर्षपूर्ण यात्रा और अंतरराष्ट्रीय मंच पर हासिल की गई कामयाबी युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनकर उभरी है।
