Monday, November 2, 2026

Bharatiya Vayuyan Niyam 2026: 1 जनवरी से लागू होंगे नए विमानन नियम, टिकट की कुल कीमत बताना होगा जरूरी

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नई दिल्ली | 2 नवंबर 2026 | Bharat Superfast News

हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए नए साल से विमानन क्षेत्र में महत्वपूर्ण बदलाव होने जा रहा है। केंद्र सरकार ने भारतीय वायुयान नियम, 2026 को अधिसूचित किया है। ये नए नियम 1 जनवरी 2027 से लागू होंगे और लगभग नौ दशकों से लागू एयरक्राफ्ट रूल्स, 1937 की जगह लेंगे।

नए नियमों का उद्देश्य विमानन क्षेत्र के नियमन को व्यापक बनाना और विमान संचालन, सुरक्षा, लाइसेंसिंग तथा हवाई किराए से जुड़े प्रावधानों को व्यवस्थित करना है। इसमें हवाई टिकट की कीमत को लेकर पारदर्शिता पर भी जोर दिया गया है। इसके तहत विमानन कंपनियों को यात्रियों को टिकट की कुल कीमत और उससे जुड़े शुल्कों की जानकारी देनी होगी।

हवाई टिकट की कुल कीमत का करना होगा खुलासा

नए भारतीय वायुयान नियम, 2026 के तहत एयरलाइंस को टिकट बुकिंग के दौरान किराए से संबंधित जानकारी स्पष्ट रूप से देनी होगी। इसमें आधार किराया, कर, अन्य शुल्क और यात्रियों से वसूली जाने वाली कुल राशि शामिल होगी।

इसके अलावा, रद्दीकरण शुल्क और रिफंड से जुड़ी नीतियों की जानकारी देना भी जरूरी होगा। इससे यात्रियों को टिकट बुक करने से पहले कुल खर्च समझने में मदद मिलेगी।

हवाई किराए से संबंधित प्रावधानों पर नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) की निगरानी रहेगी। हालांकि, नए नियमों का मतलब यह नहीं है कि सभी उड़ानों के किराए एक समान होंगे। मुख्य जोर किराए और संबंधित शर्तों की स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराने पर है।

विमान की सुरक्षा और रखरखाव पर विशेष जोर

भारतीय वायुयान नियम, 2026 में विमान के पंजीकरण, प्रमाणन और उड़ान योग्यता से जुड़े प्रावधान शामिल हैं। इनके तहत यह सुनिश्चित करने के लिए आवश्यकताएं निर्धारित की गई हैं कि विमान संचालन के लिए उपयुक्त और सुरक्षा मानकों के अनुरूप हो।

नियमों में विमान के डिजाइन, निर्माण, मरम्मत और तकनीकी बदलावों से संबंधित मंजूरियों को भी शामिल किया गया है।

इसके साथ ही विमानों के नियमित निरीक्षण और रखरखाव की प्रक्रिया का पालन करना जरूरी होगा। विमानन कंपनियों और ऑपरेटरों को विमान के संचालन के दौरान निर्धारित सुरक्षा मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करना होगा।

पायलट और अन्य विमानन कर्मियों के लाइसेंस के नियम

नए नियामक ढांचे में विमानन क्षेत्र से जुड़े कर्मचारियों की योग्यता और लाइसेंसिंग की आवश्यकताओं को भी शामिल किया गया है।

इन प्रावधानों के दायरे में पायलट, विमान रखरखाव इंजीनियर और एयर ट्रैफिक कंट्रोलर जैसे पेशेवर आएंगे। नियमों में प्रशिक्षण, परीक्षा, अनुभव और मेडिकल फिटनेस से संबंधित आवश्यकताओं का उल्लेख है।

लाइसेंस जारी करने, उसके नवीनीकरण और निर्धारित परिस्थितियों में निलंबन या रद्द करने की प्रक्रिया भी इस ढांचे का हिस्सा है।

उड़ान संचालन और क्रू की ड्यूटी से जुड़े प्रावधान

नए नियम विमानन कंपनियों के परिचालन से जुड़े विभिन्न पहलुओं को भी कवर करते हैं। इनमें फ्लाइट प्लानिंग, परिचालन प्रक्रियाएं और सुरक्षा संबंधी आवश्यकताएं शामिल हैं।

पायलट और केबिन क्रू के उड़ान समय तथा ड्यूटी अवधि से जुड़े प्रावधानों का उद्देश्य कर्मचारियों की थकान से जुड़े जोखिमों को नियंत्रित करना और उड़ान सुरक्षा को बेहतर बनाना है।

इसके अलावा, नियमों में विमानन क्षेत्र के अलग-अलग हितधारकों की जिम्मेदारियों को परिभाषित किया गया है, ताकि संचालन के दौरान निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन सुनिश्चित किया जा सके।

एयरपोर्ट लाइसेंसिंग और बुनियादी ढांचे के मानक भी शामिल

भारतीय वायुयान नियम, 2026 में हवाई अड्डों की लाइसेंसिंग और बुनियादी ढांचे से संबंधित मानकों को भी जगह दी गई है।

इसका दायरा केवल एयरलाइंस तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें विमान मालिकों, ऑपरेटरों और विमानन क्षेत्र से जुड़े अन्य पक्षों की जिम्मेदारियां भी शामिल हैं।

नए नियमों के लागू होने के बाद विमानन क्षेत्र में सुरक्षा, संचालन, लाइसेंसिंग और हवाई किराए से संबंधित प्रक्रियाओं के लिए एक व्यापक नियामक ढांचा उपलब्ध होगा।

यात्रियों के लिए क्या होगा बदलाव?

नए नियमों के तहत हवाई टिकट बुक करते समय यात्रियों को किराए से जुड़ी जानकारी अधिक स्पष्ट रूप से उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है। आधार किराए के साथ करों और अन्य शुल्कों की जानकारी मिलने से टिकट की कुल कीमत समझना आसान हो सकता है।

यात्रियों को टिकट खरीदने से पहले रद्दीकरण शुल्क, रिफंड की शर्तों और अन्य लागू शुल्कों की जांच करनी चाहिए। वहीं, एयरलाइंस और विमानन क्षेत्र के अन्य संबंधित पक्षों को 1 जनवरी 2027 से लागू होने वाले प्रावधानों के अनुरूप अपनी प्रक्रियाएं सुनिश्चित करनी होंगी।

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