रांची | 2 नवंबर 2026 | Bharat Superfast News
झारखंड की राजधानी रांची में भाजपा ने सोमवार को ‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत पदयात्रा निकाली। इससे पहले आयोजित सभा में केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल उरांव ने कांग्रेस और विपक्षी दलों पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष संसद में अपनी बात रखने के बजाय बाहर ‘मॉक पार्लियामेंट’ चला रहा है। उन्होंने राहुल गांधी की गतिविधियों की तुलना 1975 के आपातकाल के दौर से भी की।
जुएल उरांव ने कहा कि विपक्ष चुनावी हार के बाद कभी ईवीएम, कभी सुप्रीम कोर्ट और कभी चुनाव आयोग पर सवाल उठाता है। उनके मुताबिक, लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनादेश को स्वीकार करना और संसद के भीतर अपनी बात रखना जरूरी है।
बैलेट पेपर से हुए चुनावों का भी किया जिक्र
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि 1952 से देश में लोकतांत्रिक प्रक्रिया लगातार आगे बढ़ी है। उन्होंने दावा किया कि बैलेट पेपर से हुए एमएलसी चुनावों में भी कांग्रेस को सफलता नहीं मिली, लेकिन पार्टी चुनावी नतीजों पर सवाल उठा रही है।
उन्होंने विपक्ष पर देश में अराजकता का माहौल बनाने की कोशिश करने का आरोप लगाया। हालांकि, ये सभी बातें जुएल उरांव के राजनीतिक बयान और आरोप हैं।
मंईयां सम्मान योजना को लेकर हेमंत सरकार पर निशाना
जुएल उरांव ने झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार की मंईयां सम्मान योजना पर भी टिप्पणी की। उन्होंने योजना को विफल बताते हुए आरोप लगाया कि इसके पैसे को लेकर झामुमो और कांग्रेस के बीच मतभेद सामने आ रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से राजनीतिक बयानबाजी के बजाय जनहित और विकास के मुद्दों पर ध्यान देने की अपील की।
बापू वाटिका से बिरसा मुंडा संग्रहालय तक निकली पदयात्रा
भाजपा की पदयात्रा मोरहाबादी स्थित बापू वाटिका से शुरू हुई। कचहरी होते हुए यह जेल मोड़ स्थित भगवान बिरसा मुंडा संग्रहालय तक पहुंची। कार्यक्रम में भाजपा के प्रदेश प्रभारी गजेंद्र सिंह पटेल, प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा और विधायक सीपी सिंह शामिल हुए।
जदयू विधायक सरयू राय भी पदयात्रा में मौजूद रहे। कार्यकर्ताओं ने एसआईआर के समर्थन और विपक्ष के विरोध में नारे लिखी तख्तियां लेकर प्रदर्शन किया।
एसआईआर को लेकर गजेंद्र सिंह पटेल ने कांग्रेस पर उठाए सवाल
भाजपा के प्रदेश प्रभारी गजेंद्र सिंह पटेल ने कहा कि 1952 से 2025 के बीच देश में 12 बार विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया हुई। उनके दावे के मुताबिक, इनमें से 10 बार यह प्रक्रिया कांग्रेस के शासनकाल में पूरी हुई थी।
उन्होंने सवाल उठाया कि पहले इस प्रक्रिया का विरोध नहीं किया गया, लेकिन अब कांग्रेस इसका विरोध कर रही है। पटेल ने कहा कि एसआईआर के जरिए पात्र मतदाताओं के नाम जोड़े जाते हैं, मृत मतदाताओं के नाम हटाए जाते हैं और मतदाता सूची में दर्ज दोहरी प्रविष्टियों को ठीक किया जाता है।
उन्होंने झारखंड में आदिवासी आबादी और कथित घुसपैठ के मुद्दे को भी उठाया। इस दौरान उन्होंने झामुमो और कांग्रेस पर मतदाता सूची में कथित रूप से अवैध रूप से दर्ज नामों को बनाए रखने की कोशिश करने का आरोप लगाया। ये आरोप भाजपा प्रदेश प्रभारी की ओर से लगाए गए हैं।
कानून-व्यवस्था को लेकर आदित्य साहू ने उठाए सवाल
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने झारखंड की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राज्य में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं हैं। अपने संबोधन में उन्होंने एक थाने में शिकायत लेकर पहुंची महिला के साथ पुलिसकर्मी पर दुष्कर्म के आरोप और गोड्डा जिले के सुंदरपहाड़ी में एक चर्च के फादर पर आदिवासी युवती से दुष्कर्म के आरोप का उल्लेख किया।
साहू ने कांग्रेस पर परिवार केंद्रित राजनीति करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने ईवीएम को लेकर विपक्ष के रुख पर टिप्पणी करते हुए कहा कि चुनावी नतीजों के आधार पर चुनाव प्रणाली पर सवाल उठाना उचित नहीं है।
एसआईआर के विरोध पर बाबूलाल मरांडी का बयान
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल एसआईआर का विरोध इसलिए कर रहे हैं, ताकि मतदाता सूची में कथित रूप से दर्ज बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों के नाम नहीं हटाए जाएं।
मरांडी ने कहा कि चुनाव और संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने से लोकतांत्रिक व्यवस्था प्रभावित होती है। उनके संबोधन में वंशवाद और घुसपैठ का मुद्दा भी प्रमुखता से रहा।
अर्जुन मुंडा ने कार्यकर्ताओं से राष्ट्र सेवा का आह्वान किया
पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने भाजपा कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए राष्ट्र सेवा को पार्टी कार्यकर्ताओं का प्रमुख दायित्व बताया। उन्होंने कहा कि देश में अराजकता फैलाने की कोशिशों का जवाब जनता लोकतांत्रिक तरीके से दे रही है।
मुंडा ने गीत के माध्यम से कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाया और पदयात्रा में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया।
संसदीय मर्यादा को लेकर सरयू राय की टिप्पणी
जदयू के वरिष्ठ नेता और जमशेदपुर पश्चिमी के विधायक सरयू राय ने विपक्ष की ओर से आयोजित मॉक पार्लियामेंट पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि संसदीय व्यवस्था में चुने गए प्रतिनिधियों को संसद के भीतर अपनी बात रखनी चाहिए। राय के अनुसार, विरोध का भी एक दायरा और मर्यादा होती है।
उन्होंने विपक्ष पर एसआईआर और घुसपैठ से जुड़े मुद्दों पर विरोध का आरोप लगाया। साथ ही कहा कि लोकतांत्रिक विरोध के दौरान संसदीय मर्यादा का ध्यान रखा जाना चाहिए।
सीपी सिंह ने दिल्ली की कांग्रेस रैली पर कसा तंज
रांची के विधायक सीपी सिंह ने दिल्ली के रामलीला मैदान में एक नवंबर को आयोजित कांग्रेस की रैली पर टिप्पणी की। उन्होंने कांग्रेस की ओर से जुटाई गई भीड़ के दावे पर सवाल उठाया और कहा कि रैली में अपेक्षा के अनुरूप लोग नहीं पहुंचे।
सीपी सिंह ने यह भी दावा किया कि रांची से बंधु तिर्की और शिल्पी नेहा तिर्की 13 बसों में लोगों को दिल्ली लेकर गए थे। उन्होंने कहा कि रैली में शामिल कुछ लोग भोजन के लिए भाजपा सरकार की ओर से संचालित ‘अटल कैंटीन’ पहुंचे, जहां पांच रुपये में भोजन उपलब्ध कराया जाता है।
राजनीतिक बयानबाजी के बीच एसआईआर और कानून-व्यवस्था बने प्रमुख मुद्दे
रांची में भाजपा की इस पदयात्रा के दौरान एसआईआर, चुनावी प्रक्रिया, घुसपैठ, महिला सुरक्षा और राज्य सरकार की योजनाओं जैसे मुद्दे उठाए गए। कार्यक्रम में भाजपा और जदयू के नेताओं ने अपने-अपने संबोधन में विपक्ष तथा झारखंड सरकार की नीतियों की आलोचना की।
Bharat Superfast News
