Thursday, April 30, 2026

AC के मुकाबले एयर कूलर के फटने का चांस बहुत कम होता है, लेकिन कूलर चलाते समय इन गलतियों से बचने की कोशिश करें.

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गर्मी के मौसम में उमस और गर्मी से बचने के लिए बहुत से लोग एसी और कूलर का इस्तेमाल करते हैं. एसी वालों को तो ज्यादा परेशानी नहीं होती, लेकिन कूलर इस्तेमाल करने वालों को बहुत सी दिक्कतें होती है. जब धूप तेज होती है तो कमरे का तापमान ठंडा नहीं हो पाता और जब कूलर चलता है तो पूरा कमरा नमी से भर जाता है, जिससे चिपचिपाहट महसूस होती है. पसीना बहुत आता है और त्वचा तैलीय हो जाती है. विशेषज्ञों का कहना है कि इसका कारण यह है कि कमरे की सारी नमी बाहर नहीं निकल पाती है. जिसके कारण ये समस्या उत्पन्न होती है.

इसके अलावा, विशेषज्ञ कूलर का इस्तेमाल करते समय कई अन्य गलतियां करने से भी बचने की सलाह देते हैं, क्योंकि कूलर चलाते समय की गई कुछ गलतियों के कारण कभी-कभी इसमें ब्लास्ट होने की संभावना काफी बढ़ जाती है. आइए जानते हैं कि वे गलतियां कौन-सी हैं…

  1. एयर कूलर के फटने या आग लगने की संभावना सबसे ज्यादा गर्मी के दिनों में होती है, जब तापमान 40 C से ज्यादा होता है और कूलर कई घंटों तक लगातार चल रहा होता है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर कूलर बिना रुके 10-12 घंटे से ज्यादा चलता है, तो मोटर ओवरहीट हो जाती है. हालांकि मोटर के ओवरहीट होने से कूलर के विस्फोट की संभावना बहुत कम होती है, लेकिन बर्नआउट या आग लगने का खतरा जरूर बढ़ जाता है.
  2. जब कूलर में पानी पूरी तरह खत्म हो जाता है और वह ‘ड्राई’ चल रहा होता है, तो मोटर पर प्रेशर बढ़ जाता है और आग लग सकती है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि पानी खत्म होने पर कूलर चलाना बहुत खतरनाक होता है. पानी के बिना, मोटर पर ज्यादा दबाव पड़ता है, जिससे वाइंडिंग ज्यादा गर्म होकर जल जाती हैं, जिससे आग लगने का खतरा बढ़ जाता है.
  3. लंबे समय तक मेंटेनेंस न करने से मोटर में धूल जम जाती है, जिससे मोटर जाम हो जाती है और आग लग जाती है. साथ ही, खराब पावर सप्लाई या खराब वायरिंग से शॉर्ट सर्किट हो सकता है, जिससे कूलर में आग लगने और फटने का खतरा बहुत बढ़ जाता है.
  4. अगर कूलर को छोटे, बंद कमरे में रखा जाए, जहां से हवा बाहर नहीं निकल पाती, तो नमी बढ़ जाती है और शॉर्ट सर्किट का खतरा रहता है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि ऐसा कूलर इस्तेमाल करें जिसमें मोटर गर्म होने पर अपने आप बंद होने की सुविधा हो.
  5. असल में, एक एयर कूलर की औसत उम्र इस्तेमाल और मेंटेनेंस के हिसाब से लगभग 6-10 साल होती है. पुराने कूलर में अक्सर ज्यादा पावर कंजम्पशन की प्रॉब्लम होती है. मॉडर्न एनर्जी-एफिशिएंट एयर कूलर पुराने मॉडल के मुकाबले पावर कंजम्पशन को 20-30 फीसदी तक कम कर सकते हैं. बार-बार रिपेयर करवाने पर समय के साथ नए कूलर की कीमत का लगभग 40-50 फीसदी खर्च हो सकता है.

इन टिप्स को जरूर करें फॉलो

  • कमरे में ताजी हवा आने-जाने का प्रबंध रखें. इसके लिए इन सुझावों का पालन जरूर करें, जैसे कि दिन में खिड़कियां खोलें और क्रॉस वेंटिलेशन बनाएं. एग्जॉस्ट फैन का इस्तेमाल करें, भारी पर्दों की जगह हल्के कपड़े का इस्तेमाल करें
  • गर्मियों की शुरुआत में और बीच में एक बार कूलर के मोटर और पंप की सफाई जरूर कराएं, इससे कूलर बेहतर काम करता है और ज्यादा समय तक चलता है
  • हमेशा पक्का करें कि कूलर में काफी पानी हो
  • पुराने घास वाले पैड के बजाय ‘हनीकॉम्ब’ (Honeycomb) पैड का इस्तेमाल करें.

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