Thursday, April 30, 2026

ICSE-ISC रिजल्ट में झारखंड ने एक बार फिर अपना जलवा कायम रखा.

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रांची: काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन (CISCE) द्वारा आयोजित ICSE (कक्षा 10वीं) और ISC (कक्षा 12वीं) परीक्षा 2026 के परिणामों में झारखंड ने एक बार फिर शानदार प्रदर्शन कर अपनी मजबूत शैक्षणिक पहचान को कायम रखा है. राज्य के 100 से अधिक स्कूलों से हर साल की तरह इस वर्ष भी हजारों छात्र-छात्राएं परीक्षा में शामिल हुए और परिणाम उम्मीद से बेहतर रहा.

ICSE-ISC दोनों में छात्रों का बेहतर प्रदर्शन रहा

झारखंड में ICSE/ISC बोर्ड की मजबूत उपस्थिति खासतौर पर रांची, जमशेदपुर (पूर्वी सिंहभूम) और धनबाद जैसे शहरों में देखने को मिलती है. केवल रांची जिले में ही 20 से अधिक स्कूल इस बोर्ड से संबद्ध हैं. जबकि पूरे राज्य में इनकी संख्या 100 से 150 के बीच आंकी जाती है. इन स्कूलों में बिशप वेस्टकोट, लोयोला स्कूल, नरभेराम हंसराज, सेंट थॉमस और सेवेंथ डे एडवेंटिस्ट, सेंट जेवियर स्कूल, लोरेटो स्कूल, बिशप स्कॉट जैसे प्रतिष्ठित संस्थान शामिल हैं, जो हर साल उत्कृष्ट परिणाम के लिए जाने जाते हैं.

इस वर्ष जारी परिणामों के अनुसार, ICSE (10वीं) परीक्षा में झारखंड से कुल 16,693 छात्र-छात्राएं शामिल हुए, जिनमें 8,696 लड़के और 7,997 लड़कियां थीं. इस परीक्षा में कुल 99.02 प्रतिशत विद्यार्थी सफल रहे. वहीं, ISC (12वीं) परीक्षा में 4,858 परीक्षार्थियों ने हिस्सा लिया, जिनमें 2,333 लड़के और 2,525 लड़कियां शामिल थीं. ISC परीक्षा का कुल पास प्रतिशत 99.14 दर्ज किया गया, जो राज्य के बेहतर शैक्षणिक प्रदर्शन को दर्शाता है.

लड़कियों ने फिर मारी बाजी

हर साल की तरह इस बार भी लड़कियों ने लड़कों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया है. ICSE परीक्षा में लड़कियों का पास प्रतिशत 99.17 रहा, जबकि लड़कों का 98.88 प्रतिशत दर्ज किया गया. इसी प्रकार ISC परीक्षा में लड़कियों का पास प्रतिशत 99.33 प्रतिशत रहा, जबकि लड़कों का 98.93 प्रतिशत रहा. यह आंकड़े राज्य में बेटियों की शिक्षा में बढ़ती भागीदारी और सफलता को रेखांकित करते हैं.

स्कूलों की सक्रिय भागीदारी

झारखंड में ICSE परीक्षा के लिए 145 स्कूलों ने अपने विद्यार्थियों को प्रस्तुत किया. जबकि ISC परीक्षा में 61 स्कूलों के छात्र-छात्राएं शामिल हुए. यह संख्या दर्शाती है कि राज्य में CISCE बोर्ड की पहुंच लगातार बढ़ रही है और अभिभावकों के बीच इसकी विश्वसनीयता बनी हुई है.

विषयों की व्यापकता

ICSE परीक्षा इस वर्ष 67 लिखित विषयों में आयोजित की गई, जिनमें 20 भारतीय भाषाएं और 14 विदेशी भाषाएं शामिल थीं. वहीं ISC परीक्षा 45 विषयों में आयोजित हुई, जिनमें 13 भारतीय भाषाएं और 2 विदेशी भाषाएं शामिल रहीं. विषयों की यह विविधता छात्रों को अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार विकल्प चुनने का अवसर प्रदान करती है.

श्रेणीवार प्रदर्शन भी बेहतर

श्रेणीवार आंकड़ों में भी छात्रों का प्रदर्शन सराहनीय रहा है. ICSE परीक्षा में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के 4,654 छात्रों का पास प्रतिशत 99.10 रहा. जबकि सामान्य वर्ग के 8,809 छात्रों का पास प्रतिशत 99.07 दर्ज किया गया. वहीं ISC परीक्षा में OBC वर्ग के 602 छात्रों का पास प्रतिशत 99.34 रहा और सामान्य वर्ग के 3,342 छात्रों का पास प्रतिशत 99.04 रहा.

परीक्षा का आयोजन और परिणाम का ट्रेंड

इस वर्ष ICSE (10वीं) की परीक्षा 17 फरवरी से 30 मार्च 2026 तक और ISC (12वीं) की परीक्षा 12 फरवरी से 6 अप्रैल 2026 तक आयोजित की गई. पिछले वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो झारखंड में CISCE बोर्ड के परिणाम लगातार बेहतर होते जा रहे हैं. वर्ष 2025 में 10वीं का परिणाम 98.78 प्रतिशत और 12वीं का 98.83 प्रतिशत रहा था, जो राष्ट्रीय औसत से बेहतर था.

इस साइट पर छात्र देख सकते हैं रिजल्ट

रिजल्ट जारी होने के साथ ही छात्रों और अभिभावकों के बीच उत्साह का माहौल देखने को मिला. कई स्कूलों में विद्यार्थियों की सफलता का जश्न मनाया गया. वहीं, टॉप प्रदर्शन करने वाले छात्रों ने अपनी मेहनत और शिक्षकों के मार्गदर्शन को सफलता का श्रेय दिया. छात्र CISCE की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना रिजल्ट देख सकते हैं. इसके अलावा स्कूल स्तर पर भी रिजल्ट की जानकारी उपलब्ध कराई गई.

झारखंड में ICSE और ISC परीक्षा 2026 के परिणामों ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि राज्य में शिक्षा का स्तर लगातार मजबूत हो रहा है. उच्च सफलता दर, विषयों की विविधता और छात्रों की मेहनत राज्य को राष्ट्रीय स्तर पर एक अलग पहचान दिला रही है. आने वाले वर्षों में भी ऐसे ही उत्कृष्ट परिणाम की उम्मीद जताई जा रही है.

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