रक्षाबंधन 2026 के अवसर पर देवघर में डाक विभाग और शिक्षा विभाग ने संयुक्त रूप से एक विशेष पहल शुरू की है। इस पहल का उद्देश्य सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा को प्रोत्साहित करना और भाई-बहन के पवित्र रिश्ते को पारंपरिक तरीके से और अधिक मजबूत बनाना है।
योजना के तहत सरकारी स्कूलों के छात्र-छात्राएं स्वयं अपने हाथों से राखियां तैयार करेंगे। इनमें से चयनित आकर्षक राखियों को डाक विभाग प्रदर्शित करेगा, जबकि अन्य राखियों को बच्चों द्वारा दिए गए पते पर उनके भाइयों तक डाक के माध्यम से भेजा जाएगा। इससे विद्यार्थियों को अपनी कला दिखाने का अवसर मिलेगा और रक्षाबंधन का उत्सव भी अधिक आत्मीय बनेगा।
डाक विभाग देगा सामग्री और डाक सुविधा
डाक अधीक्षक एस.के. मिश्रा ने बताया कि इस पहल की शुरुआत पहली बार की जा रही है। योजना के अंतर्गत प्रत्येक छात्र से 70 रुपये का योगदान लिया जाएगा। इस राशि से राखी बनाने के लिए आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी और शेष राशि का उपयोग तैयार राखियों को संबंधित पते पर डाक के माध्यम से भेजने में किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता में सबसे सुंदर और आकर्षक राखियां बनाने वाले विद्यार्थियों को डाक विभाग की ओर से सम्मानित भी किया जाएगा।
संस्कृति और रचनात्मकता को मिलेगा बढ़ावा
एस.के. मिश्रा ने कहा कि डिजिटल युग में बच्चों को भारतीय परंपराओं और पारिवारिक मूल्यों से जोड़ना बेहद जरूरी है। उनका मानना है कि यह पहल बच्चों में रचनात्मक सोच विकसित करने के साथ-साथ रिश्तों के महत्व और सांस्कृतिक परंपराओं के प्रति जुड़ाव को भी मजबूत करेगी।
शिक्षकों ने किया पहल का स्वागत
शिक्षा विभाग और सरकारी विद्यालयों के शिक्षकों ने इस कार्यक्रम की सराहना की है। उनका कहना है कि इस पहल से विद्यार्थियों की कलात्मक प्रतिभा को निखारने का अवसर मिलेगा। साथ ही, बच्चे रक्षाबंधन जैसे पारंपरिक त्योहारों के सांस्कृतिक और सामाजिक महत्व को भी बेहतर तरीके से समझ सकेंगे।
इस पहल को विद्यार्थियों में सृजनात्मकता, भारतीय संस्कृति और पारिवारिक संबंधों के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक सकारात्मक प्रयास माना जा रहा है।


