वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का असर सोमवार को भारतीय शेयर बाजार पर भी देखने को मिला। कारोबार की शुरुआत में निवेशकों की बिकवाली से बाजार में तेज गिरावट आई, लेकिन दिन चढ़ने के साथ सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स शेयरों में मजबूत खरीदारी ने बाजार को संभाल लिया। कारोबार के अंत में प्रमुख सूचकांक हल्की बढ़त के साथ बंद हुए।
बीएसई सेंसेक्स 47.01 अंकों (0.06 प्रतिशत) की बढ़त के साथ 77,616.40 पर बंद हुआ। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स एक समय 711.96 अंक लुढ़ककर 76,857.43 तक पहुंच गया था, लेकिन बाद में इसमें करीब 750 अंकों की रिकवरी दर्ज की गई।
वहीं एनएसई निफ्टी 4.10 अंकों (0.02 प्रतिशत) की मामूली बढ़त के साथ 24,211.00 पर बंद हुआ। यह लगातार तीसरा कारोबारी सत्र रहा, जिसमें निफ्टी सकारात्मक स्तर पर बंद होने में सफल रहा।
कच्चे तेल में तेजी से बढ़ी बाजार की चिंता
बाजार विश्लेषकों के अनुसार, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास बनी अनिश्चितता के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार प्रभावित हुआ है। इसके चलते ब्रेंट क्रूड की कीमत लगभग 2.57 प्रतिशत बढ़कर 77.96 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने निवेशकों की धारणा पर असर डाला और शुरुआती कारोबार में व्यापक बिकवाली देखने को मिली।
आईटी सेक्टर ने बाजार को दिया सहारा
दिनभर की रिकवरी में आईटी कंपनियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) का शेयर 5.43 प्रतिशत की बढ़त के साथ सेंसेक्स का सबसे मजबूत प्रदर्शन करने वाला शेयर रहा। इसके अलावा एचसीएल टेक, टेक महिंद्रा और इन्फोसिस के शेयरों में भी उल्लेखनीय तेजी दर्ज की गई। एनटीपीसी और कोटक महिंद्रा बैंक के शेयर भी बढ़त के साथ बंद हुए।
दूसरी ओर टाटा स्टील, इटरनल, इंटरग्लोब एविएशन (इंडिगो), मारुति, अल्ट्राटेक सीमेंट और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।
वैश्विक बाजारों में दबाव
एशियाई बाजारों में सोमवार को कमजोर रुख देखने को मिला। दक्षिण कोरिया का कोस्पी सूचकांक भारी गिरावट के साथ बंद हुआ, जबकि जापान का निक्केई और चीन का शंघाई कंपोजिट भी नुकसान में रहे। हालांकि, हांगकांग का हैंगसेंग सूचकांक हल्की बढ़त दर्ज करने में सफल रहा। यूरोपीय बाजारों में कारोबार के दौरान मिश्रित रुख देखा गया।
निवेशकों की नजर वैश्विक घटनाक्रम और तिमाही नतीजों पर
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की भारतीय बाजार में रुचि बनी हुई है। उपलब्ध एक्सचेंज आंकड़ों के अनुसार, पिछले कारोबारी सत्र में एफआईआई ने 2,603.72 करोड़ रुपये के शेयरों की शुद्ध खरीदारी की थी।
विश्लेषकों का कहना है कि आने वाले दिनों में निवेशकों की नजर अंतरराष्ट्रीय भू-राजनीतिक घटनाओं, कच्चे तेल की कीमतों और कंपनियों के पहली तिमाही के वित्तीय परिणामों पर रहेगी, जिनका बाजार की दिशा पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ सकता है।


