रांची में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के दौरान सामने आ रही शिकायतों को लेकर झारखंड अल्पसंख्यक आयोग के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार से मुलाकात की। इस दौरान आयोग ने अभियान के संचालन से जुड़े कुछ मुद्दों पर ज्ञापन सौंपकर आवश्यक कार्रवाई की मांग की।
- अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष शमशेर आलम ने बताया कि कुछ क्षेत्रों से शिकायतें मिली हैं कि बूथ लेवल अधिकारी (BLO) घर-घर जाकर सत्यापन करने के बजाय लोगों को मतदान केंद्र या अन्य स्थानों पर बुलाकर प्रक्रिया पूरी करा रहे हैं। उन्होंने यह मुद्दा मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के समक्ष उठाया।
शिकायतों पर कार्रवाई का आश्वासन
- मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने बताया कि इस प्रकार की शिकायतें कुछ विधानसभा क्षेत्रों से प्राप्त हुई हैं और उन पर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि धनबाद में एक तथा गढ़वा में दो बीएलओ के खिलाफ पैसे लेने की शिकायत की पुष्टि होने के बाद उन्हें सेवा से हटाने के निर्देश दिए गए हैं।
- उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि कहीं भी बीएलओ द्वारा पैसे मांगने या घर-घर जाकर प्रपत्र वितरित नहीं करने जैसी शिकायतें मिलती हैं, तो उन पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
आयोग ने जताया संतोष
- बैठक के दौरान मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने प्रतिनिधिमंडल को विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की प्रगति और प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी। बैठक के बाद अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष शमशेर आलम ने कहा कि अब तक 90 प्रतिशत से अधिक गणना प्रपत्र (Enumeration Forms) वितरित किए जा चुके हैं और बड़ी संख्या में लोग उन्हें भरकर जमा भी कर रहे हैं।
- उन्होंने कहा कि आयोग द्वारा पहले उठाई गई कुछ चिंताओं पर रांची जिला प्रशासन ने भी कार्रवाई की है और संबंधित क्षेत्रों में बीएलओ को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। उनके अनुसार, यदि इसी गति से कार्य जारी रहा तो राज्य में विशेष गहन पुनरीक्षण का कार्य तय समय के भीतर पूरा किया जा सकेगा।
मतदाता सूची की शुद्धता पर दिया भरोसा
- शमशेर आलम ने बताया कि मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने प्रतिनिधिमंडल को भरोसा दिलाया है कि पात्र मतदाताओं का नाम मतदाता सूची से नहीं हटाया जाएगा और अपात्र व्यक्तियों का नाम सूची में शामिल नहीं होने दिया जाएगा।
बैठक में रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री भी मौजूद रहे। उन्होंने जिले में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की प्रगति की जानकारी देते हुए बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों की तुलना में रांची शहरी क्षेत्र में गणना प्रपत्रों के वितरण और जमा करने की प्रक्रिया अपेक्षाकृत धीमी है।


