Saturday, July 4, 2026

सरकार ने बफर स्टॉक बढ़ाने और किसानों को राहत देने के लिए प्याज की खरीद कीमत 13% बढ़ाकर ₹2,125 प्रति क्विंटल कर दी.

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नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने बफर स्टॉक के लिए प्याज की खरीद कीमत में 13 प्रतिशत की बड़ी बढ़ोतरी की है. सरकार ने अब प्याज की कीमत को 1,875 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 2,125 रुपये प्रति क्विंटल (यानी 21.25 रुपये प्रति किलो) कर दिया है. यह नई दरें आज, 4 जुलाई 2026 से लागू हो गई हैं.

इस सीजन में यह पांचवीं बार है जब सरकार ने प्याज की खरीद कीमत में बढ़ोतरी की है. दरअसल, सरकार द्वारा ‘प्राइस स्टेबलाइजेशन फंड’ के तहत की जा रही प्याज की सरकारी खरीद की रफ्तार काफी धीमी रही है. 1 जून से अब तक सरकार केवल 2,000 टन प्याज ही खरीद पाई है. किसानों को बेहतर दाम देने और सरकारी गोदामों को भरने के लिए सरकार लगातार कीमतें बढ़ा रही है.

  • जब सीजन शुरू हुआ था, तब सरकारी खरीद का दाम 12.70 रुपये प्रति किलो था. इसके बाद 22 मई को इसे बढ़ाकर 15.80 रुपये, 13 जून को 16.50 रुपये, 20 जून को 17.30 रुपये और फिर 18.75 रुपये प्रति किलो किया गया था. अब इसे बढ़ाकर 21.25 रुपये प्रति किलो कर दिया गया है.
  • देश में प्याज की पैदावार और बाजार का हाल
  • रिकॉर्ड उत्पादन: कृषि विभाग के अनुमान के मुताबिक, साल 2025-26 में देश में 307.37 लाख टन प्याज की पैदावार होने की उम्मीद है, जो पिछले साल के 307.67 लाख टन के लगभग बराबर ही है.
  • सप्लाई में कोई कमी नहीं: उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के अनुसार, देश में प्याज की कोई किल्लत नहीं है. महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और गुजरात जैसे मुख्य राज्यों में प्याज का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है.
  • मंडी और खुदरा भाव: देशभर की मंडियों में रोजाना 50,000 टन से ज्यादा प्याज आ रहा है. मंडियों में इसका औसत भाव लगभग 18 रुपये प्रति किलो है, जबकि खुदरा बाजार में आम जनता को प्याज औसतन 31 रुपये प्रति किलो मिल रहा है.

देरी से मानसून और जमाखोरी का डर
महाराष्ट्र के नासिक और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में इस बार मानसून की बारिश थोड़ी देर से हुई है, जिससे खरीफ (मानसून) सीजन की प्याज बुवाई में करीब 15 दिनों की देरी हो गई है. इसका फायदा उठाकर कुछ व्यापारी प्याज की जमाखोरी और सट्टेबाजी कर रहे हैं, जिससे आने वाले दिनों में कीमतें थोड़ी बढ़ सकती हैं.

दूसरी तरफ, जून महीने में देश से 1.50 लाख टन प्याज का निर्यात हुआ है. हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजारों में पाकिस्तान और चीन का नया प्याज भारत के मुकाबले सस्ता बिक रहा है, जिससे आने वाले समय में भारत से प्याज का निर्यात थोड़ा कम हो सकता है.

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